CAIT ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र: टैक्स ऑडिट और ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि दो महीने बढ़ाने की मांग
September 23, 2026रायपुर/देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने आकलन वर्ष 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि दो महीने बढ़ाने की मांग की है।
इस संबंध में CAIT के नेशनल वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमैन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, वाइस चेयरमैन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से जानकारी दी।
संगठन ने केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अध्यक्ष को औपचारिक ज्ञापन भेजकर तिथि बढ़ाने का आग्रह किया है।
CAIT की प्रमुख मांगें:
- टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Form 3CA/3CB-3CD): अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 की जाए।
- इनकम टैक्स रिटर्न (ऑडिट केस): अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 की जाए।
- ट्रांसफर प्राइसिंग मामले: फॉर्म 3CEB एवं संबंधित रिटर्न के लिए तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 एवं 31 जनवरी 2027 की जाए।
तिथि बढ़ाने के पीछे के कारण:
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि आयकर पोर्टल की तकनीकी कमियों, यूटिलिटीज के देर से जारी होने और TDS/TCS डेटा के मिलान में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण देश भर के व्यापारी और कर सलाहकार भारी दबाव में हैं।
- पोर्टल और यूटिलिटी में देरी: ऑडिट से संबंधित ITR-3, 5, 6 की ऑनलाइन/ऑफलाइन यूटिलिटी काफी देर से अगस्त 2026 में उपलब्ध कराई गई, जिससे CA और एकाउंटेंट्स को काम करने का पर्याप्त समय नहीं मिला।
- Form 26AS और AIS में विसंगतियां: ग्राहकों और बैंकों द्वारा काटे गए TDS/TCS का विवरण 26AS और AIS में समय पर या सही तरीके से प्रदर्शित न होने के कारण मिलान में काफी समय लग रहा है।
- नए नियमों का बोझ: छोटे व्यापारियों और MSME पर धारा 43B(h) और नए TDS/TCS प्रावधानों के कारण ऑडिट रिपोर्ट (Form 3CD) में अतिरिक्त जानकारी दर्ज करना अनिवार्य हो गया है।
- त्योहारी सीजन: अक्टूबर और नवंबर के दौरान नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार हैं, जो व्यापारियों के लिए साल का सबसे व्यस्त व्यावसायिक समय होता है।
CAIT ने सरकार से मांग की है कि करदाताओं को अनुचित जुर्माने और ब्याज के दबाव से बचाने के लिए 30 सितंबर 2026 से पहले तिथि बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा की जाए।


