कौन थे मेजर कुलदीप सिंह…. जिन्होंने बॉर्डर फिल्म में जान भर दिए थे…जिसकी भूमिका सनी देओल ने निभाई…

कौन थे मेजर कुलदीप सिंह…. जिन्होंने बॉर्डर फिल्म में जान भर दिए थे…जिसकी भूमिका सनी देओल ने निभाई…

August 13, 2026 0 By Central News Service

दिल्ली 13 अगस्त 2026// देश में आजादी का पर्व हो और देशभक्ति, शौर्य और पराक्रम पर आधारित फिल्म बॉर्डर का जिक्र ना हो ऐसा हो नहीं सकता। जिसका हर डायलॉग हर हिन्दुस्तानी के जुबां पर है, और उसका वो शानदार गीत जो भावुक कर देशभक्ति जगाने देने वाली गीत ” संदेशे आते हैं, हमें रुलाते है…कि घर कब आओगे…। इस गाने ने कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीते।

मशहुर देशभक्ति से सराबोर फिल्म बॉर्डर जो कि 13 जून 1997 को रिलीज हुई। इस फिल्म का लेखन एवं निर्देशन जे पी दत्ता ने कि जिसमें प्रमुख किरदार में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्राफ, अक्षय खन्ना, तब्बू ने किए।

बॉर्डर फिल्म के असली सरदार, ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी, तब मेजर थे, जिनका किरदार सनी देओल ने बॉर्डर में निभाया था जिन्होंने 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में लोंगेवाला की लड़ाई में इतिहास रच दिया। यह युद्ध राजस्थान के थार रेगिस्तान में 4 और 5 दिसंबर सन् 1971 की रात को लड़ा गया और भारतीय सेना की सबसे बहादुरी भरी कहानियों में से एक है।

पाकिस्तानी सेना का प्लान बहुत बड़ा और आत्मविश्वास से भरा हुआ था। पाकिस्तान की 51 इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर तारिक मीर ने कहा था, इंशा अल्लाह, हम लोंगेवाला पर नाश्ता करेंगे, रामगढ़ में लंच और जैसलमेर में डिनर।

लेकिन मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी ने ऐसा होने नहीं दिया। उनके पास 23 पंजाब रेजिमेंट की ए कंपनी के मात्र 120 जवान थे, जिनमें कुछ बीएसएफ के जवान भी साथ थे। हथियार भी सीमित थे, रिकॉइललेस राइफल, मोर्टार, कुछ मशीन गन और दो चार 106 एमएम आरसीएल गन जो जोंगा जीप पर लगी थीं। सामने पाकिस्तानी सेना की 2000 से 3000 सैनिकों की पूरी ब्रिगेड थी, जिनके पास 40 से 45 टैंक थे, जिनमें ज्यादातर चाइनीज टी 59 और कुछ शर्मन टैंक थे, साथ ही आर्टिलरी और ढेर सारे वाहन भी मौजूद थे।

रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर पाकिस्तानी हमला शुरू हुआ। टैंक और पैदल सैनिक लोंगेवाला पोस्ट पर चढ़ आए। चारों तरफ अंधेरा था और रात भर कोई हवाई मदद नहीं मिल सकती थी। उस समय मेजर चांदपुरी हर बंकर में जाते, जवानों का हौसला बढ़ाते और उन्हें प्रेरित करते रहे। उन्होंने रणनीति बनाई कि ऊंचे रेत के टीलों पर मजबूत डिफेंस रखा जाए और दुश्मन को रेत में फंसाकर वहीं रोका जाए।

पूरी रात मुट्ठी भर भारतीय जवान डटे रहे। रिकॉइललेस राइफल और मोर्टार से लगातार फायरिंग होती रही। रात भर में ही कई पाकिस्तानी टैंक तबाह हो गए। पाकिस्तानी सेना बार बार हमला करती रही, लेकिन भारतीय जवानों की सटीक फायरिंग और रेत में फंसे टैंकों की वजह से वे आगे नहीं बढ़ पाए।

सुबह होते ही भारतीय वायु सेना का कमाल शुरू हुआ। जैसलमेर एयरबेस से हॉकर हंटर और एचएएल मारुत फाइटर प्लेन पहुंचे। फॉरवर्ड एयर कंट्रोलर की मदद से दुश्मन पर बमबारी और रॉकेट अटैक किया गया। खुले रेगिस्तान में फंसे पाकिस्तानी टैंक और वाहन पूरी तरह निशाने पर थे और यह हमला टर्की शूट जैसा साबित हुआ, क्योंकि दुश्मन के पास न छिपने की जगह थी और न बचने का मौका।

नतीजा साफ था। पाकिस्तान को 36 टैंक नष्ट हुए या छोड़कर भागना पड़ा। 100 से ज्यादा वाहन तबाह हुए और 200 से 300 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। भारतीय पक्ष में कुछेक जवान शहीद हुए और कुछ घायल हुए। पाकिस्तानी सेना को पीछे हटना पड़ा और उनका पूरा सपना चूर चूर हो गया।

असल जिंदगी में चांदपुरी साहब ने साबित कर दिया कि युद्ध संख्या से नहीं, जज्बे से जीता जाता है।
उनकी असाधारण बहादुरी के लिए ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया, जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। 2018 में वे हमें छोड़कर चले गए, लेकिन उनकी कहानी आज भी हर भारतीय के सीने में धड़कती है।

सनी देओल के इस बेमिसाल अभिनय के लिए उन्हें 43वें फिल्मफेयर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor) की श्रेणी में नामांकित किया गया था। भारतीय सिनेमा में देशभक्ति की जब भी बात होती है, मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी के रूप में सनी देओल का यह किरदार हमेशा शीर्ष पर गिना जाता है।

यह फिल्म सिने जगत में सुपर -डुपर हिट रही। जिसका अभी पार्ट बार्डर -2 ,23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है। निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है, इस फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं।