भविष्य के उद्योगों का नया हब बनेगा छत्तीसगढ़ – CM देव साय  रायपुर में ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ, देशभर के 300 से ज्यादा MSME उद्यमी ले रहे हिस्सा

भविष्य के उद्योगों का नया हब बनेगा छत्तीसगढ़ – CM देव साय रायपुर में ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ, देशभर के 300 से ज्यादा MSME उद्यमी ले रहे हिस्सा

September 23, 2026 0 By Central News Service

रायपुर, 18 सितम्बर 2026 / छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर भविष्य की अर्थव्यवस्था का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर से लेकर ग्रीन एनर्जी तक, भविष्य के सभी उद्योगों का नया गंतव्य छत्तीसगढ़ बन रहा है। प्रदेश की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 से निवेश को नई गति मिली है और अब प्रस्ताव सिर्फ कागजों पर नहीं, धरातल पर भी उतर रहे हैं।

देशभर से आए 300 से अधिक उद्यमियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा –

“हमारी सरकार की भूमिका केवल नियामक की नहीं, बल्कि उद्योगों के लिए एक्सीलरेटर की है। हमारा प्रयास है कि प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग स्थापित होने तक हर चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था मिले।”

नए दौर के सेक्टरों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब सिर्फ कोयला, स्टील और सीमेंट तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार का विशेष फोकस IT, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे नए और उभरते सेक्टरों पर है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम शुरू होना इसी बदलते परिदृश्य का उदाहरण है। नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

खनिज, वन और ऊर्जा – छत्तीसगढ़ की ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की ताकत उसके प्राकृतिक संसाधन हैं। यहां प्रचुर मात्रा में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट है। 44 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र में इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसी लघु वनोपजों के वैल्यू एडिशन से बस्तर-सरगुजा में रोजगार की नई संभावनाएं बनेंगी। प्रदेश की 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता और देश के मध्य में स्थित होने की भौगोलिक स्थिति उद्योगों के लिए अनुकूल है।

स्थानीय रोजगार और बस्तर में पर्यटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। ज्यादा स्थानीय रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य युवा को रोजगार तलाशने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाना है।

उन्होंने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि उद्योगों के साथ-साथ पर्यटन में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं, जिसे होम-स्टे जैसी पहलों से स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोड़ा जा रहा है।

MSME अर्थव्यवस्था की रीढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि MSME हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है। लघु उद्योग भारती 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के 25 जिलों के 1200 से अधिक लघु-मध्यम उद्योग जुड़े हैं। यह मेला केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि संवाद, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का मंच है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ उद्योगों के क्षेत्र में लंबी उड़ान के लिए तैयार है, वहीं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई नीति के बाद निवेश प्रस्ताव धरातल पर आकार ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने मेले में लगे स्टॉलों का अवलोकन किया, पारंपरिक आयुर्वेदिक उत्पादों से लेकर आधुनिक मशीनरी और IT उत्पादों को देखा और उद्यमियों से आत्मीय संवाद किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, CSIDC अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, CREDA अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रकाश चंद्र गुप्त सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे।