ओजस्वी द्विवेदी ने राज्य स्तरीय भजन गायन में प्रथम स्थान प्राप्त किया… परिवार जनों सहित शाला परिवार ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी…
October 15, 2022
महासमुंद 15 अक्टूबर 2022/ राज्य स्तरीय भजन गायन पर ओजस्वी द्विवेदी ने जीती प्रथम स्थान। विदित हो की सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा आयोजित होने वाली हर एक बार बौद्धिक प्रतियोगिता इस वर्ष संभाग स्तरीय सरस्वती शिशु मंदिर महासमुंद भलेशर मार्ग में आयोजित की गई थी। जिसमें अनेक विधाओं में से अनेक विद्यार्थियों के द्वारा अपनी अपनी प्रतिभागिता प्रस्तुत की गई।
उसी क्रम में एकल भजन गायन प्रतियोगिता बाल वर्ग 12 से 14 वर्ष के बालक बालिकाओं का सफल आयोजन महासमुंद में किया गया था। जिसमें एकल भजन गायन में बहन ओजस्वी द्विवेदी कक्षा सप्तम पिता सुखेंद्र प्रसाद द्विवेदी एवं माता श्रीमती अंबिका द्विवेदी ने (पायोजी मैंने राम रतन धन पायो) इस भजन की संगीतमय प्रस्तुति के साथ संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। जिसका अगला राज्य स्तरीय आयोजन का भजन गायन प्रतियोगिता सरस्वती शिशु मंदिर कोरबा में आयोजित किया गया। जहां बहन ओजस्वी द्विवेदी ने पायोजी मैंने राम रतन धन पायो इसी भजन की शानदार प्रस्तुति देते हुए राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

ओजस्वी द्विवेदी ने बताया कि बचपने से माता एवं पिता को भगवान कि पुजा करते समय भजन एवं स्तुति का प्रयोग उच्चारण करते थे, जो कि मेरा मुखाग्र है। मैंने अपने मां एवं पिता के आशिर्वाद एवं मेरे विद्यालय के आचार्य एवं दीदी जी के द्वारा सिखाए स्तुति एवं भजनों को कंठस्थ कर आज उनके आशीर्वाद से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कि हूं।
ओजस्वी द्विवेदी के माता पिता ने कहा कि समस्त सरस्वती शिशु मंदिर परिवार एवं समस्त आचार्य दीदी एवं समस्त छात्र समूह एवं उनके माता-पिता के तरफ को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं उनके जीवन में इसी प्रकार उत्तरोत्तर प्रगति पथ बढ़ता रहे । यही मंगल कामनाओं के साथ ओजस्वी को पुनः एक बार बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

इस सफ़लता में उनके प्राचार्य राजश्री ठाकुर प्रधानाचार्य कृष्णा चंद्राकर एवं कक्ष आचार्य बलराम सेन एवं कुणाल जी तबला वादक भैया का विशेष सहयोग रहा है। इसके लिए उनके माता-पिता ने उन्हें आभार व्यक्त किया । जिसमें विशेष सहयोग तारिणी गोस्वामी, शीतल शुक्ला आदि सभी आचार्य दीदीयों का सराहनीय योगदान रहा।






