नगर निगम में बैठकें ही बैठकें, धरातल पर हाल बेहाल – नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी
July 21, 2026रायपुर. रायपुर नगर निगम में काम से ज्यादा बैठकें हो रही हैं। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंद कमरों में रोजाना बैठकें हो रही हैं, लेकिन आम जनता की मूलभूत समस्याओं के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
आकाश तिवारी ने कहा कि कभी विधायक बैठक ले रहे हैं, कभी महापौर बैठक ले रही हैं, कभी आयुक्त। अधिकारियों से पूछो तो जवाब मिलता है “बैठक में हैं”। उन्होंने कहा कि नगर निगम का गठन जनता के मूलभूत काम सुचारू करने के लिए हुआ है, न कि केवल बैठक करने के लिए।
टैक्स वसूली पर जिम्मेदारी, सुविधाओं पर नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिस तरह नगर निगम संपत्ति कर वसूली के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर रहा है, उसी तरह सफाई, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए जिम्मेदारी क्यों तय नहीं हो रही।
“अगर मूलभूत सुविधाओं के लिए जिम्मेदारी तय होती तो आज राजधानी रायपुर की तस्वीर दूसरी होती। सफाई व्यवस्था लचर हो चुकी है। इसका नतीजा यह हुआ कि शहर के 70 के 70 वार्ड पहली बार पानी में डूब गए। लोगों के घरों तक पानी चला गया। आम जनता का आर्थिक नुकसान हुआ, फिर भी निगम में सिर्फ बैठकें हो रही हैं,” आकाश तिवारी ने कहा।
उन्होंने कहा कि विशेष सामान्य सभा भी वार्डों की मूलभूत सुविधाओं के लिए बुलाई गई, लेकिन उसका असर अब तक धरातल पर नहीं दिखा। “अगर आज भी 24 घंटे बरसात होगी तो रायपुर डूबेगा। बैठकों के लिए एक तय दिन और समय होना चाहिए,” उन्होंने मांग की।
3 बड़े काम अब तक अधूरे
आकाश तिवारी ने महापौर के कार्यकाल की तीन उपलब्धियों का भी जिक्र किया:
- सिटी डेवलप प्लान 2025: महापौर ने 2025 में पूरे 70 वार्डों के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाया था। एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन वह अभी तक लागू नहीं हो पाया।
- जल बोर्ड का गठन: जनवरी 2026 में जल बोर्ड का गठन हुआ था। लेकिन उसके कार्य अभी तक नगर निगम मुख्यालय के ऑफिस और टेबल तक ही सीमित हैं।
- वुमेन गारमेंट फैक्ट्री: मोवा में हजारों महिलाओं को रोजगार देने के लिए बनाई गई वुमेन गारमेंट फैक्ट्री रोजगार केंद्र अभी भी शुरू होने का इंतजार कर रहा है।
आकाश तिवारी ने कहा, “जब देखो तब इसकी बैठक, उसकी बैठक। नगर निगम का उद्देश्य सिर्फ बैठक नहीं है। जनता ने महापौर को मूलभूत सुविधाएं देने के लिए चुना है, केवल बैठकों के लिए नहीं।”
उन्होंने मांग की कि सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि जनता को धरातल पर राहत मिल सके।


