सेवानिवृत्त कर्मचारी अब नहीं बन सकेंगे कर्मचारी संघ के पदाधिकारी, छ.ग. सरकार ने बदले नियम

सेवानिवृत्त कर्मचारी अब नहीं बन सकेंगे कर्मचारी संघ के पदाधिकारी, छ.ग. सरकार ने बदले नियम

May 27, 2026 0 By Central News Service

रायपुर, 16 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय सेवा संघ नियमों में बड़ा संशोधन करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब सेवानिवृत्त कर्मचारी किसी भी कर्मचारी संघ में सदस्य या पदाधिकारी के रूप में नहीं रह सकेंगे। इस संबंध में 15 अप्रैल 2026 को नवा रायपुर से छ.ग. राजपत्र क्रमांक 186 में अधिसूचना जारी की गई है।

क्या है नया नियम
अधिसूचना के अनुसार अब कर्मचारी संगठनों के सभी सदस्य एवं पदाधिकारी वर्तमान में नियमित शासकीय सेवा में पदस्थ होना अनिवार्य है। सेवानिवृत्त, संविदा या अन्य किसी श्रेणी के कर्मचारी संघ में कोई पद धारण नहीं कर सकेंगे।

ओ.पी. शर्मा का मामला आया सामने
नए नियम के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी ओ.पी. शर्मा का नाम चर्चा में है। शर्मा वर्तमान में छ.ग. प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संरक्षक सलाहकार हैं और अक्सर स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में ज्ञापन देने पहुंचते रहते हैं।

नए नियम के तहत यह गतिविधि शासन की मंशा के प्रतिकूल मानी जा रही है, क्योंकि अब संघ के पदाधिकारी का नियमित सेवा में होना जरूरी है। आरोप है कि छ.ग. प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा नए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है और कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पदाधिकारी बनाकर विभागीय कार्यालयों में पत्राचार कराया जा रहा है।

शासन का रुख सख्त
शासन ने कर्मचारी संघ की परिभाषा ही बदल दी है। अब केवल नियमित शासकीय सेवक ही संघ के सदस्य या पदाधिकारी बन सकेंगे। इसका उद्देश्य कर्मचारी संगठनों में सक्रिय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार जल्द ही सभी कर्मचारी संगठनों से उनके पदाधिकारियों की सूची मांगी जाएगी और सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए जाएंगे। नियम का उल्लंघन करने वाले संघों पर कार्रवाई भी संभव है।


यह अधिसूचना 15 अप्रैल 2026 को छ.ग. राजपत्र क्रमांक 186 में प्रकाशित हुई है। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे।