भाजपा राज में सांय-सांय बिजली कटाैती ने बढ़ाई किसानाें की परेशानी : विनोद चंद्राकर

भाजपा राज में सांय-सांय बिजली कटाैती ने बढ़ाई किसानाें की परेशानी : विनोद चंद्राकर

March 1, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 01 मार्च 2026/ पूर्व संसदीय सचिव छ.ग. शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोयले से अनेक राज्य रोशन हो रहे हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर दिन-रात बिजली कटाैती व लो-वोल्टेज की समस्या से प्रदेश वासी जूझ रहे हैं। वर्तमान में महासमुंद सहित प्रदेश भर के ग्रामीण अंचल में सर्वाधिक परेशान रबी फसल लेने वाले किसान हो रहे हैं। दिन व रात सांय-सांय 8-8 घंटे बिजली कटाैती की जा रही है। उपर से लो वोल्टेज के कारण सिंचाई पंप हाँफने लगे हैं।

पूर्व संसदीय सचिव ने कहा कि राज्य में उच्च ग्रेड कोयले का विशाल भंडार है और यहाँ की खदानें देश भर में कोयला आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कोरबा की गेवरा खदान तो दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खदान बनने की ओर अग्रसर है, यहां से रोजाना भारी मात्रा में कोयला निकलती है। इस उत्पादन के बावजूद छत्तीसगढ़ में दिन-रात बिजली कटाैती की जा रही है। गेवरा खदान इतनी वृहद व विशाल है कि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ कई राज्यों के लिए पर्याप्त बिजली उत्पादन किया जा सकता है। लेकिन, भाजपा की जुमलेबाज सरकार प्रदेश वासियों को सरप्लस बिजली का वादा कर उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुँचा रही है। छत्तीसगढ़ वासियों को अपने हक के लिए तरसाया जा रहा है, जबकि, यहाँ के कोयले से दूसरे राज्य रोशन हो रहे हैं।

चंद्राकर जी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान बिजली आपूर्ति निर्बाध गति से चले इसके लिए ट्रांसफार्मर के पावर बढ़ाए गए थे। नए ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। ट्रांसमिशनों को अपग्रेड किया गया। लेकिन, जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है तब से बिजली की व्यवस्था चरमरा गई है, आम जनता सड़कों पर उतरकर बिजली की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। झलप-पटेवा व बागबाहरा क्षेत्र में बिजली कटाैती तो आम हो गई है। दिन व रात मिलाकर 15 घंटे से अधिक कटाैती की जा रही है। बिजली आ भी रही है तो कम वोल्टेज परेशानी बढ़ा रही है। बागबाहरा व झलप-पटेवा क्षेत्र के किसान केवल बोरवेल के भरोसे खेती करते हैं, इन किसानों के पास सिंचाई का दूसरा कोई साधन नहीं है। ऐसे में कटाैती के चलते बोरवेल से किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। खेत सूख चुके हैं, दरारे आने लगी है। जिससे किसान चिंतित हैं।

उन्होंने ने कहा कि रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल में भी बिजली कटाैती आम बात थी। जिसे भूपेश बघेल की सरकार आने के बाद व्यवस्थित किया गया था। 5 साल कांग्रेस शासन काल में किसानों को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति की गई। इसके अलावा बिजली सब्सिडी, सिंचाई पंप में छूट, हाफ बिजली बिल योजना के माध्यम से किसान व आम उपभोक्ताओं को राहत प्रदान किया गया।