जलवायु परिवर्तन पर हो रहे बिमारियों के बारे में 20 पंचायतों के पंच, सरपंचों को प्रशिक्षण दिया गया..स्वस्छ एवं स्वस्थ्य भारत का सपना साकार करना हम सब की जिम्मेदारी- मितानिन संघ अध्यक्ष जनक राम नायक
October 17, 2022
बागबाहरा 17 अक्टूबर 2022/ पंचायत प्रतिनिधियों का जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रशिक्षण हुआ संपन्न। दिनांक 28 सितंबर 2022 से 16 अक्टूबर 2022 तक विकासखंड बागबाहरा जिला महासमुंद छत्तीसगढ़ के 20 पंचायतों में सरपंच पंच को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जलवायु परिवर्तन पर्यावरण में हो रहे जल प्रदूषण मिट्टी प्रदूषण वायु प्रदूषण किन कारणों से हो रहा है, जिसे ग्राम पंचायत किस प्रकार से रोक सकते हैं। उन पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। पर्यावरण सुरक्षा में समुदाय और पंचायत की भूमिका।

पंचायतों द्वारा अपने समुदाय के लिए आगामी 1 वर्ष में जलवायु परिवर्तन पर क्या क्या कार्य करेंगे. उसके लिए 10 प्रमुख एक्शन प्वाइंट कार योजना बिंदु तय किए। जिसमें मुख्य रूप से गांव में 19 तारीख तालाब अलग एवं मवेशी धोने एवं विसर्जित चीजों को विसर्जन करने के लिए अलग तलाब बनाने हेतु, धुआं रहित चूल्हा का उपयोग, वृक्षारोपण करना , जंगल को कटाई से बचाना, कीटनाशक एवं रासायनिक खाद के बदले में जैविक खाद उपयोग करना, पॉलिथीन बैग (वन हेंडल बैग, शासन द्वारा प्रतिबंधित) उपयोग से बचना, कचरा का सही निपटारा करना, सौर ऊर्जा का उपयोग करना, इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को बढ़ावा देना, शराबबंदी, हेलमेट का उपयोग करने संबंधित शपथ लिया गया।

इसके अलावा आगामी ऋतु परिवर्तन कर स्वास्थ्य पर समाज कुपोषण, निमोनिया, मलेरिया, दस्त, पीलिया, टाइफाइड, टीबी, ब्लड सुगर, कैंसर, सिकल सेल, मानसी का रोग और महिलाओं के विरुद्ध भेदभाव, तंबाकू गुटखा , शराब सेवन स्वास्थ्य एवं परिवारिक कलह से होने वाली समस्याएं इन बिंदुओं पर खास रुप से विषय वार महत्वपूर्ण कार्य हेतु लामबंद हुए।
स्वास्थ्य सेवाएं ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस उप स्वास्थ्य केंद्र हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल में मिलने वाली सेवाएं जिसमें जननी सुरक्षा योजना स्वास्थ्य बीमा, योजना आयुष्मान कार्ड, स्वच्छता एवं पेयजल, हाथ कब कब धोना चाहिए, खुले में शौच मुक्त शौचालय का इस्तेमाल, शौचालय का रखरखाव, पेयजल जल स्रोतों का रखरखाव, पानी की जांच, कचरा का सही प्रबंधन, स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारने के लिए शासन की योजनाओं की निगरानी, जिसमें आंगनबाड़ी टीकाकरण उप स्वास्थ्य केंद्र, स्कूली शिक्षा पेयजल, मृत्यु कुपोषण, मध्यान भोजन पेंशन रोजगार गारंटी, राशन दुकान, कम उम्र में शादी, परिवार नियोजन, महिला सशक्तिकरण ,महिला हिंसा रोकने के लिए कानून पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

पंच सरपंचों ने इस प्रकार की प्रशिक्षण प्रतिवर्ष होना चाहिए कह कर जितने भी प्रशिक्षण में सीखें है। उसे अपने पंचायत में 1 वर्ष के अंदर कार्य पूर्ण करेंगे का निर्णय लिया है। यह ट्रेनिंग राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र रायपुर मितानिन कार्यक्रम के तहत किया गया। जिसमें प्रशिक्षक क्रांति सिन्हा, एसपीएस प्रेमलता पटेल, ब्लॉक समन्वयक जनक राम नायक, एसपीएस कुमारी चंद्राकर ब्लॉक समन्वयक मितानिन कार्यक्रम बागबाहरा ने प्रशिक्षण दिया l
जिसमें ग्राम पंचायत मामा भांचा, पचेड़ा, पोटिया कोमाखान, घोयनाबाहरा, सूअरमाल, तमोरा, धरमपुर, धोंड़, पटपरपाली, टेमरी, सिवनीकला, बरबसपुर, कोमा गाबौद, गांजर टेडीनार, तूपकबोरा, टूहलू, खैरटकला, भोथा आदि पंचायत के मितानिन एवं पंचायत के लोग शामिल हुए।

मितानिन संघ अध्यक्ष ने उपरोक्त जानकारी देते हुए कहा कि स्वस्छ भारत का सपना हम तभी कर सकते है,जब गांव स्वस्छ हो क्योंकि गांव से कस्बा,कस्बा से शहर, और शहर से नगर का विकास पुर्ण होते है। उन्होंने ने कहा कि अपने आसपास साफ सफाई रखते हुए हमारा सहयोग प्रदान करें जिससे आप सभी निरोग एवं स्वस्थ्य रहें।




