बस आवंटन में महासमुंद की उपेक्षा भाजपा सरकार का सौतेला व्यवहार : विनोद चंद्राकर
June 11, 2026संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद 11 जून 2026/ पूर्व संसदीय सचिव छग शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने कहा कि साय कैबिनेट ने प्रदेश में 240 ई-बसों के संचालन को मंजूरी दी है। ये बसें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में चलेंगी। लेकिन महासमुंद जिले को एक भी ई-बस नहीं दी गई। यह महासमुंद की जनता के साथ सरकार की उपेक्षा पूर्ण व्यवहार को दर्शाता है।
चंद्राकर ने कहा कि महासमुंद की जनता ने भाजपा को दो विधायक दिए। लोकसभा में भी भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से जिताकर भेजा। इसके बावजूद साय सरकार हर योजना में महासमुंद को नजरअंदाज कर रही है। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार वृद्धि के कारण बस यात्रियों को भारी किराया वहन करना पड़ रहा है। 50 किलोमीटर के सफर में सीधे 25 से 30 रुपए किराए में वृद्धि होने से आम यात्रियों, छात्रों और मजदूरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर सरकार ने पहले ही जनता को महंगाई के बोझ तले दबा दिया है। अगर महासमुंद को ई-बस की सुविधा मिल जाती तो यहां के लोगों को भी सस्ती, सुलभ और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा मिलती। लेकिन, सरकार ने महासमुंद के लोगों से यह राहत भी छीन ली।
उन्होंने सरकार पर जनादेश का अपमान का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि जब महासमुंद ने भाजपा को भरपूर समर्थन दिया, तो विकास में हिस्सेदारी क्यों नहीं दिया जा रहा। रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, कोरबा को ई-बस और महासमुंद के साथ दोहरा मापदंड क्यों अपनाया गया। क्या महासमुंद छत्तीसगढ़ का हिस्सा नहीं है?
चंद्राकर ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि ई-बसें प्रदूषण कम करेंगी और जनता को सस्ती परिवहन सुविधा देंगी। महासमुंद के लोगों को स्वच्छ परिवहन का अधिकार क्यों नहीं दिया जा रहा। साय सरकार केवल चुनिंदा शहरों के विकास की बात करती है। महासमुंद, जो कृषि और व्यापार का बड़ा केंद्र है, उसे हर बार दरकिनार किया जाता है। यह सरकार की क्षेत्रीय असंतुलन की नीति को दिखाता है।
चंद्राकर ने कहा कि हम मांग करते हैं कि कैबिनेट के फैसले पर पुनर्विचार हो। महासमुंद को उसकी जनसंख्या और जरूरत के हिसाब से ई-बसों का कोटा तुरंत दिया जाए। भाजपा ने वोट तो महासमुंद से ले लिया, पर विकास देने की बारी आई तो पीठ दिखा दी। महासमुंद की जनता यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक इस भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएगी।


