खाद की हो रही कालाबाजारी शायद होश में नहीं है संबंधित अधिकारी क्यों नहीं हो रहा है रहे सहकारी समितियों को खाद की पुर्ति किसान नेता अशवन्त तुषार साहू

खाद की हो रही कालाबाजारी शायद होश में नहीं है संबंधित अधिकारी क्यों नहीं हो रहा है रहे सहकारी समितियों को खाद की पुर्ति किसान नेता अशवन्त तुषार साहू

July 19, 2022 0 By Central News Service

महासमुंद 19 जुलाई 2022/ जिले के सभी क्षेत्रों के दुकानों में खाद की कालाबाजारी भारी मात्रा में हो रही छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की सुविधा के लिए अनेक प्रकार की घोषणा कर रही है, इधर किसानों को खाद नहीं मिल रहा है । यूरिया का शासकीय दर 267 रूपए वहीं डीएपी का 1300 रुपए लगभग लेकिन किसानों को सोसाइटी में खाद नहीं मिल रहा है।

महासमुंद क्षेत्र के किसान परेशान है इधर व्यापारी खाद को अधिक दामों पर बेच रहे हैं। खेती करना है यह किसान की मजबूरी है, मजबूर होकर किसान अधिक दामों पर खाद खरीद कर रहे है |

जोबा ,जलकी ,तुमगांव, बेमचा, झालखमरिया ,बरौंडा, बम्हनी, पटेवा तथा आसपास के सभी सहकारी समितियों में खाद की बहुत अधिक कमी है जिसके कारण किसानों को उचित दाम में पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रहा है वहीं प्राइवेट कृषि केंद्रों में खाद्य का भरपूर मात्रा में भंडारण हो रहा है। जिसके वजह से किसानों को खाद कृषि केंद्रों में जाकर व्यापारियों से खाद लेना पड़ रहा है जिसको मजबूरन अध्यक्ष कीमतों में आप खरीदना पड़ रहा है किसानों का जीवनी के लिए यह एक मुख्य आधार है।

बता दें कि इधर कृषि विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने में कोई रुचि नहीं रख रहे हैं इसलिए खाद बेचने वाले व्यापारी बेखौफ होकर खुलेआम हाथ को 400 से 500 से अधिक दामों में बेच रहे किसानों को कोई सुध लेने वाला नहीं है क्षेत्र में खाद में पारियों की दुकानों का घर में जांच की जाए तो भारी मात्रा में अवैध रूप से रखे हाथ बरामद हो सकता है जनता के प्राप्त जानकारी के अनुसार यूरिया 265 रुपए है जिसे 700 रूपए में वही डीएपी 1300 रूपए है उसे 1600 रूपए से 1700 रूपए तक बेचा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार ढिंढोरा पिट रही है कि किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो जाए तो आखिर क्यों नहीं हो रहा है व्यापारियों के पास भारी मात्रा में कहां से और कैसे अवैध रूप से खाद आ रहा है इसकी सूक्ष्मता से जांच होना चाहिए ताकि इसका पार्दाफाश हो सके |