महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर… ओमान से दिल्ली लाया गया… चेहरे में मंद मुस्कान हाथ हिलाकर पुष्पा स्टाइल “झूकेगा नही साला” के साथ हाथ फेरे….
November 3, 2026
संपादक मनोज गोस्वामी
रायपुर, 03 नवंबर2026// महादेव ऑनलाइन बुक सट्टा ऐप के प्रमुख आरोपियों में शामिल भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण के बाद कल रात दिल्ली लाया गया है।
सौरभ को एयरपोर्ट से एक सेवन सीटर कार में पीछे बिठा कर आधा दर्जन अधिकारियों की घेराबंदी में सीबीआई मुख्यालय लाया गया था। सामने में तीन और बगल में एक अधिकारी घेरे हुए थे। सौरभ ने कैमरे देखकर टाटा (हाथ हिलाकर) किया। इतना ही नहीं सौरभ, फिल्म पुष्पा के हीरो की तरह दाहिनी हथेली को चेहरे के आगे फेरते भी दिखाई दिया।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क, फर्जी बैंक खातों, हवाला लेन-देन और विदेशों में कथित संपत्ति निवेश की जांच कर रहे हैं। ईडी की जांच के अनुसार, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल इस नेटवर्क के कथित मुख्य संचालकों में शामिल थे। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में अक्टूबर 2022 में जांच शुरू की थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव सट्टा ऐप का नेटवर्क भारत और यूए? ई में हजारों ऑनलाइन पैनल के माध्यम से संचालित किया जाता था। इन प्लेटफॉर्म पर क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाए जाने का आरोप है।
ईडी के अनुसार, मुख्य संचालकों की ओर से पैनल ऑपरेटरों को लॉगिन आईडी उपलब्ध कराई जाती थी। इसके बाद स्थानीय स्तर पर बैंक खाते, मोबाइल फोन, इंटरनेट और कर्मचारियों की व्यवस्था करके नेटवर्क चलाया जाता था। वाट्सएप और टेलीग्राम जैसे माध्यमों से सट्टा खेलने वालों तक पहुंच बनाई जाती थी। ईडी की जांच में दूसरे व्यक्तियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों, कमीशन पर उपलब्ध कराए गए खातों और संदिग्ध केवायसी दस्तावेजों की पड़ताल की गई है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टे से प्राप्त रकम को कई बैंक खातों में बांटने के बाद नकद और हवाला के माध्यम से विदेश भेजा जाता था। कुछ रकम के दुबई स्थित कंपनियों और संपत्तियों में निवेश किए जाने के साथ भारतीय शेयर बाजार तक पहुंचने के आरोपों की भी जांच की गई।

जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टे से प्राप्त रकम को कई बैंक खातों में बांटने के बाद नकद और हवाला के माध्यम से विदेश भेजा जाता था। कुछ रकम के दुबई स्थित कंपनियों और संपत्तियों में निवेश किए जाने के साथ भारतीय शेयर बाजार तक पहुंचने के आरोपों की भी जांच की गई।
सौरभ चंद्राकर का पहले भिलाई में जूस का दुकान था। जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, महादेव ऐप नेटवर्क के विस्तार के बाद उसकी आर्थिक गतिविधियों में तेजी से बदलाव आया। ईडी ने विदेश में संपत्तियों, यात्रा, होटल और अन्य महंगे खर्चों के स्रोतों की जांच की है। एजेंसी का आरोप है कि इन खर्चों के लिए कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त धन का इस्तेमाल किया गया।
फरवरी 2023 में रश्व के रास अल खैमाह में सौरभ चंद्राकर की शादी भी जांच का बड़ा विषय बनी। ईडी के अनुसार, शादी और उससे जुड़े आयोजनों पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आरोप है।
जांच एजेंसी ने आयोजन से जुड़ी इवेंट कंपनियों, होटल, ट्रैवल एजेंट और विमान सेवा प्रदाताओं के रिकॉर्ड की पड़ताल की। आरोप है कि भुगतान का एक हिस्सा नकद और हवाला के जरिए किया गया था। शादी में फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों की मौजूदगी और कार्यक्रमों के भुगतान की भी जांच की गई।
महादेव सट्टा ऐप मामले में रवि उप्पल, विकास छपरिया, शुभम सोनी और अन्य कथित सहयोगियों की भूमिका भी जांच के दायरे में रही है। इनमें कांग्रेस के नेता, पुत्र, आईपीएस, रापुसे के अधिकारी और अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। इनमें से कुछ कोई ईडी सीबीआई ने गिरफ्तार भी किया था।
ईडी के अनुसार, इन लोगों के नाम नेटवर्क के संचालन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े विभिन्न आरोपों में सामने आए हैं। जांच एजेंसियों ने मामले में कई संपत्तियों को जब्त या अटैच करने की कार्रवाई भी की है।
सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण के बाद महादेव ऑनलाइन बुक सट्टा ऐप मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। अब जांच एजेंसियां नेटवर्क के संचालन, कथित अवैध कमाई, बैंक खातों, हवाला लेन-देन और विदेशों में निवेश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल आगे बढ़ा सकती हैं।



