आबकारी विभाग में हड़कंप – 03 आबकारी अधिकारी सस्पेंड 02 अधिकारी को नोटिस जारी…

आबकारी विभाग में हड़कंप – 03 आबकारी अधिकारी सस्पेंड 02 अधिकारी को नोटिस जारी…

September 11, 2026 0 By Central News Service

रायपुर 10 सितंबर 2026// प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमाडबरी (बेमचा) में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने की पुष्टि हुई। वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद होने के बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई की है।

इन दोनों मामलों में आबकारी विभाग ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया है। महासमुंद में आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को निलंबित किया गया, जबकि कांकेर मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित पर भी निलंबन की गाज गिरी है। इसके अलावा महासमुंद मामले में दो अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है। जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

₹190 की शराब ₹200 में बेची, दो विक्रेताओं पर केस राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 7 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्म ग्राहक के माध्यम से किए गए सत्यापन में दुकान के विक्रयकर्ता क्रमांक-1 दिनेश्वर ध्रुव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का एक पाव, शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर ₹190 के बजाय ₹200 में बेचना पाया गया।


इसके बाद दोबारा किए गए खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक-2 गुलाब डहरिया द्वारा भी यही मदिरा ₹190 के बजाय ₹200 में बेची गई। इस तरह दो पाव की खरीद में निर्धारित ₹380 के बजाय ₹400 वसूले गए। यानी दोनों विक्रेताओं द्वारा कुल ₹20 अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रेताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

प्रभार क्षेत्र में अनियमितता, नितेश सिंह बैस निलंबित विभाग ने मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद नितेश सिंह बैस, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

कांकेर में 4409 खाली बोतलें, 105 पत्ता स्टीकर-होलोग्राम बरामद इधर, उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।
कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम और 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई। जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, जिसकी कीमत ₹3600 बताई गई है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत ₹59,645 और खाली बोतल/पौवा की कीमत ₹22,045 बताई गई है।

यह प्रकरण रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर निर्धारित किया गया है।

इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है।


महासमुंद में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री के मामले में विभाग ने अन्य अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी और अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी की गई है।

दोनों अधिकारियों को 7 दिवस के भीतर समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि प्रदेश में निर्धारित विक्रय दर से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री, अवैध शराब निर्माण और निगरानी में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।