रायपुर में ‘शिक्षा रत्न सम्मान’ समारोह आयोजित, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रो. राजीव चौधरी सहित 30 प्राध्यापक सम्मानित
September 1, 2026रायपुर। निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ द्वारा महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय में “शिक्षा रत्न सम्मान” समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में पं. रविशंकर सागर विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रो. राजीव चौधरी को राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त होने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए 15 महाविद्यालयों के 30 प्राध्यापकों को ‘शिक्षा रत्न’ सम्मान से नवाजा गया।
समारोह के मुख्य अतिथि ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर प्रो. ओ.पी. व्यास रहे, जबकि अध्यक्षता विप्र महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षाविद अजय तिवारी, अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती के प्रबंध अध्यक्ष प्रो. विट्ठल अग्रवाल, निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. मेघेश तिवारी एवं सचिव डॉ. देवाशीष मुखर्जी सहित सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि क्लासरूम को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। विद्यार्थियों में छिपे स्किल को पहचान कर उन्हें बेहतर अवसर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के साथ शिक्षा में निरंतर बदलाव आ रहे हैं, जिसे स्वीकार करना होगा। शारीरिक और पारंपरिक शिक्षा के समन्वय से विद्यार्थियों में गुणोत्तर वृद्धि संभव है।
समारोह अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि शिक्षक को वेतन से नहीं, बल्कि विद्यार्थी में वह कितनी गुणात्मक वृद्धि कर रहा है, इससे आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निजी महाविद्यालयों से आगे बढ़कर अब निजी विश्वविद्यालय स्थापना के नियमों में शिथिलता ला रही है, जो सुखद संकेत है।
निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के सचिव डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने संघ के भावी कार्यों की जानकारी दी, वहीं अध्यक्ष डॉ. मेघेश तिवारी ने UGC मान्यताओं और NAAC से जुड़े सवालों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अतिथियों ने प्रो. राजीव चौधरी को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। डॉ. कुलदीप दुबे ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया।
इन्हें मिला शिक्षा रत्न सम्मान:
स्क्वाड्रन लीडर डॉ. विजय चौबे, डॉ. सुनीता, रोशनी पसीने, राहुल तिवारी, शिखा, श्वेता ओझा, डॉ. अशोक कुमार झा, डॉ. गायत्री, रुक्मणी अग्रवाल, डॉ. पद्मा शर्मा, डॉ. स्मृति अग्रवाल, डॉ. देवेंद्र चापेकर, डॉ. प्रेरणा सोनी, युक्ति खंडूजा, अनुराधा सिन्हा, डॉ. दिव्या शर्मा, डॉ. आराधना शुक्ला, डॉ. जी. पदमा गौरी, डॉ. पूजा राठी, डॉ. संध्या भट्टाचार्य, डॉ. प्रमिशा शर्मा, डॉ. प्रफुल व्यास, सीमा पाठक, डॉ. गुंजन शर्मा, मनु रामानी, अभिजीत चक्रवर्ती एवं प्रो. हसन रजा सहित 30 प्राध्यापकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रुति एवं प्रीतम ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. यूलेन्द्र राजपूत ने किया।

