10 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर, भाजपा सरकार ने छीनी आंगनबाड़ी की पढ़ाई : विनोद चंद्राकर

10 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर, भाजपा सरकार ने छीनी आंगनबाड़ी की पढ़ाई : विनोद चंद्राकर

August 31, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 31 अगस्त 2026// छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की लापरवाही और संवेदनहीनता के चलते प्रदेश के करीब 52 हजार आंगनबाड़ी केंद्र प्री-स्कूल किट से वंचित हो गए हैं और 10 लाख मासूम बच्चों की खेल-खेल में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यह बेहद शर्मनाक है कि जिस उम्र में बच्चों को आकार, रंग, अक्षर ज्ञान, गिनती और वस्तुओं की पहचान सिखाई जानी चाहिए, उस उम्र में सरकार ने उनके हाथ से खिलौने और शिक्षण सामग्री ही छीन ली है।

पूर्व संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने इस अत्यंत संवेदनहीनता का परिचायक बताते हुए कहा है कि यह केवल बजट अटकने का मामला नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में गरीब का बच्चा नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है। 

प्री-स्कूल किट की खरीदी के लिए सामान्यत: अप्रैल-मई में टेंडर होता है और जुलाई में नए सत्र के साथ किट केंद्रों तक पहुंच जाती है, लेकिन इस बार अगस्त खत्म होने को है और अब तक बजट ही जारी नहीं हुआ है, टेंडर तो दूर की बात है। एक किट में पजल, बिल्डिंग ब्लॉक, गुड़िया, जानवरों के मुखौटे, किचन सेट, वुडन बोर्ड सहित 19 प्रकार की सामग्री होती है जिसकी औसत कीमत मात्र 2000 से 2500 रुपये है। सरकार के पास 52 हजार केंद्रों के लिए इतनी छोटी राशि भी नहीं है, यह प्रदेश के लिए दुर्भाग्यजनक है।

चंद्राकर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल के बच्चों को पोषण के साथ-साथ स्कूल के लिए तैयार किया जाता है। काउंटिंग फ्रेम से गिनती, क्रेयॉन से रंग भरना और खिलौनों से फल-सब्जियों की पहचान जैसी बुनियादी गतिविधियां इसी किट से होती हैं। जब किट ही नहीं मिलेगी तो कार्यकर्ता आखिर कैसे पढ़ाएंगी। पिछले साल की टूटी-फूटी सामग्री से काम चलाने को मजबूर करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यह भाजपा सरकार का शिक्षा विरोधी चेहरा उजागर करता है। उन्होंने मांग की है कि सरकार तत्काल बजट जारी कर युद्धस्तर पर किट की खरीदी और वितरण सुनिश्चित करे और बताए कि आखिर इतने महीनों तक फाइल क्यों अटकी रही, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।