VSK ऐप से वेतन काटने के आदेश का शिक्षक संघ ने किया विरोधबायोमीट्रिक और उपस्थिति पंजी से हाजिरी की मांग
July 28, 2026रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा VSK ऐप के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर शिक्षकों का वेतन काटने के आदेश का छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध किया है। संघ ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए आदेश तुरंत वापस लेने की मांग की है।
DPI ने 27 जुलाई 2026 को जारी आदेश में कहा है कि शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का वेतन VSK ऐप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही आहरित होगा।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष संजय ठाकुर, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, प्रमुख संगठन मंत्री ओंकार सिंह, महामंत्री मनोज राय और उपप्रांताध्यक्ष टेकराम सेन ने कहा कि विभाग ने ऐप की जमीनी हकीकत को नजरअंदाज किया है। ग्रामीण और दूरदराज के स्कूलों में नेटवर्क की समस्या आम है। स्कूल परिसर में रहने के बाद भी ऐप में “शाला से दूरी” की त्रुटि आती है। Check-in करने के बाद भी डेटा सेव नहीं होता और शाम को Check-out के समय फिर Check-in मांगा जाता है।
संघ नेताओं का कहना है कि इन तकनीकी खामियों के कारण सभी शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होना संभव नहीं है। ऐसे में ऐप की गलती की सजा वेतन कटौती के रूप में शिक्षकों को देना अन्याय है।
संघ ने मांग की है कि VSK ऐप के स्थान पर स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन लगाई जाए। जब तक यह व्यवस्था नहीं होती, तब तक शिक्षक उपस्थिति पंजी के आधार पर पूरा वेतन दिया जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं हुआ तो प्रदेशभर के शिक्षक आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।

