अर्ध शासकीय कर्मचारियों की पेंशन बंद करने पर सियासत गरमाई, विकास उपाध्याय बोले- BJP ने हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया
September 18, 2026रायपुर। छत्तीसगढ़ में अर्ध शासकीय संस्थानों के कर्मचारियों की पेंशन बंद करने के आदेश पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय और अत्याचार करार दिया है।
18 सितंबर को जारी बयान में उपाध्याय ने कहा कि सरकार के 1 सितंबर और 11 सितंबर 2026 के आदेशों से प्रोफेसर, बाबू, लिपिक, प्यून सहित समस्त अर्ध शासकीय कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी बंद कर दी गई है, जो न्याय संगत नहीं है।
उपाध्याय ने कहा, “70, 80, 90 साल के बुजुर्गों के जीवन यापन का एकमात्र साधन पेंशन है। अधिकांश लोगों की दवाई, घर के राशन और लोन तक पेंशन से ही चल रहे हैं। वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों की पेंशन बंद कर भारतीय जनता पार्टी ने हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया है।”
उन्होंने मांग की कि सरकार इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करे और जुलाई-अगस्त से रोकी गई पेंशन का भुगतान कर पेंशन व्यवस्था को यथावत बहाल करे। साथ ही माननीय न्यायालय के उस आदेश का अनुपालन करने की मांग की, जिसमें कहा गया है कि पेंशनभोगियों को जिस वेतनमान से सेवानिवृत्त हुए हैं, उसी के अनुरूप पेंशन दी जाए।
उपाध्याय ने चेतावनी दी कि यदि साय सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी और पेंशनभोगियों को न्याय दिलाकर ही दम लेगी।


