युक्तियुक्तकरण से सरकारी शिक्षा व्यवस्था हुआ बदहाल.. शिक्षकों की तत्काल भर्ती करें सरकार- विनोद चंद्राकर

युक्तियुक्तकरण से सरकारी शिक्षा व्यवस्था हुआ बदहाल.. शिक्षकों की तत्काल भर्ती करें सरकार- विनोद चंद्राकर

July 26, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 26 जुलाई 2026//छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व संसदीय सचिव एवं महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने कहा है कि सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण के नाम पर लिया गया निर्णय प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल करने पर आमादा है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के स्कूल सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि केवल महासमुंद जिले में ही युक्तियुक्तकरण के अव्यवहारिक स्थानांतरणों के कारण 60 से अधिक विद्यालय आज एकल शिक्षकीय स्थिति में पहुंच गए हैं, जबकि कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं बचा है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया पर पड़ा है।

पूर्व विधायक चंद्राकर ने कहा कि प्राथमिक शालाओं में मात्र दो शिक्षकों के भरोसे बालवाड़ी से लेकर पांचवीं तक की सभी कक्षाओं का संचालन, साथ ही कार्यालयीन कार्य और अन्य गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों को निभाना किसी भी दृष्टि से संभव नहीं है। माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। शिक्षकों की भारी कमी के कारण विषयवार पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। यह स्थिति न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के भी विपरीत है।

उन्होंने आगे कहा कि विद्यालयों के विलय के बाद भी भवनों की संख्या और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी जस की तस बनी हुई है, लेकिन अनुदान घटने से बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन तक नहीं मिल पा रहे हैं। परिणामस्वरूप सरकारी स्कूलों में अभिभावकों का भरोसा टूट रहा है।

चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों की पदोन्नति और भर्ती के जो ठोस कार्य किए गए थे, वर्तमान भाजपा सरकार उन कार्यों का आधा भी नहीं कर पाई है। उल्टे युक्तियुक्तकरण के नाम पर पूरी शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया गया है। भाजपा के तत्कालीन शिक्षा मंत्री और वर्तमान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 33 हजार शिक्षकों की भर्ती करने की घोषणा की थी, लेकिन वह वादा आज ठंडे बस्ते में पड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के अभाव में स्कूल खाली हो रहे हैं और बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल युक्तियुक्तकरण के निर्णय की समीक्षा करे, लंबित पदोन्नतियां पूरी करे और बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती कर प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए। तभी प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।