विधेयक का विरोध कर कांग्रेस ने दिया महिला विरोधी होने का प्रमाण : देवेंद्र…..देश की माताएं-बहनें कांग्रेस को देगी करारा जवाब…

विधेयक का विरोध कर कांग्रेस ने दिया महिला विरोधी होने का प्रमाण : देवेंद्र…..देश की माताएं-बहनें कांग्रेस को देगी करारा जवाब…

April 19, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 19 अप्रैल 2026/ महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन के माध्यम से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने के संबंध में लाए गए संविधान संशोधन विधेयक को कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों द्वारा पारित नहीं होने देना निंदनीय है। कांग्रेस व विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध कर यह महिला विरोधी होने का प्रमाण दिया है। उपरोक्त वक्तव्य भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री देवेंद्र चंद्राकर ने कही।


देवेंद्र ने कहा कि कि दशकों से कांग्रेस ने महिलाओं को केवल वोट बैंक समझा। आज जब केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महिलाओं को अधिकार व नेतृत्व करने का अवसर देने ऐतिहासिक प्रयास किया। ऐसे में कांग्रेस व विपक्षी दलों द्वारा इस बिल को संसद में पास नहीं होने दिया गया। िवपक्ष के इस कृत्य से देश की आधी आबादी दुखी है। विधानसभा, लोकसभा व राज्यसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण जैसे ऐतिहासिक अवसर को रोकना, महिलाओं के अधिकारों का हनन है। आज कांग्रेस ने सिर्फ़ एक बिल नहीं रोका, बल्कि करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठुकराया है।


जिला महामंत्री ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने के बाद विपक्ष जश्न मना रहा है। देश की महिलाएं उन्हें करारा सबक सिखाएंगी। इस कृत्य से कांग्रेस पार्टी बेनकाब हो चुकी है। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो पाया। विधेयक में 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन अभ्यास के बाद 2029 के संसदीय चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून को ‘‘लागू’’ करने के लिए लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रावधान था। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को शामिल करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई जानी थी। जिससे महिलाओं को नेतृत्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता। देश के विकास में महिलाओं की बराबर की भागीदारी रहती। लेकिन, कांग्रेस, टीएमसी व डीएमके ने मिलकर इस विधेयक को लोकसभा में पास नहीं होने दिया। महिलाओं अिधकार के साथ विपक्षी पार्टियों द्वारा की गई कुठाराघात का जवाब आगामी समय में देश की माताएं-बहनें उन्हें देंगी।