महादेव घाट पर गूंजेगा अद्वैत का शंखनाद दशनाम गोस्वामी समाज द्वारा आदिगुरु शंकराचार्य जयंती पर भव्य आयोजन…
April 6, 2026
शिव महात्म्य का भक्तिमय प्रवचन,
समाज के पुजारियों का अभिनंदन एवं अभिमंत्रित रुद्राक्ष वितरण होगा प्रमुख आकर्षण का केंद्र
संपादक मनोज गोस्वामी
रायपुर 06 अप्रैल 2026/ सनातन धर्म के पुनरुद्धारकर्ता और अद्वैतवाद के प्रणेता आदिगुरु शंकराचार्य जी की जयंती इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ सनातन दशनाम गोस्वामी समाज द्वारा राजधानी रायपुर के पावन महादेव घाट पर अत्यंत भव्यता के साथ मनाई जा रही है। प्रतिवर्ष की भांति आयोजित होने वाले इस प्राकट्य उत्सव में संपूर्ण प्रदेश से समाजजन एकत्रित होकर अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव मनाएंगे। यह गरिमामयी आयोजन महंत चिंतामणि गिरी जी के पावन सानिध्य में संपन्न होगा।
कार्यक्रम में समाज के संस्थापक द्वय श्री रमन गिरी एवं श्री ओंकार पुरी, भगवताचार्य श्री सुरेन्द्र गिरी जी महाराज तथा समाज के संरक्षक द्वय श्री उमेश भारती गोस्वामी एवं डॉ. अशोक गिरी विशेष रूप से उपस्थित रहकर समाज का मार्गदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक विशाल और भव्य भगवामय शोभायात्रा से होगा, जो श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम होगी। तत्पश्चात् वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आदिगुरु शंकराचार्य जी की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। उत्सव के दौरान ‘शिव महात्म्य’ पर आधारित भक्तिमय प्रवचन होगा। साथ ही आदिगुरु शंकराचार्य के जीवन दर्शन, उनके अद्वैत सिद्धांत और प्रेरक प्रसंगों पर विद्वानों द्वारा विशेष व्याख्यान दिए जाएंगे, जो नई पीढ़ी को सनातन मूल्यों से परिचित कराएंगे। समाज की परंपराओं को अक्षुण्ण रखने वाले प्रदेश भर से आए श्रद्धेय पुजारियों का इस अवसर पर आत्मीय अभिनंदन किया जाएगा। विशेष आकर्षण के रूप में प्राकट्य उत्सव के पुण्य लाभ हेतु उपस्थित श्रद्धालुओं को अभिमंत्रित रुद्राक्ष का वितरण भी किया जाएगा।
आध्यात्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता हेतु विवाह योग्य युवक-युवतियों का मंचस्थ परिचय एवं वैचारिक आदान-प्रदान का सत्र रखा गया है। साथ ही, समाज की गौरवशाली प्रतिभाओं का सम्मान और बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

समाज के प्रांताध्यक्ष काशीपुरी कुंदन, महासचिव उमेश गिरी, कोषाध्यक्ष प्रशांत गिरी, कार्यक्रम समन्वयक पोखराज बन, संयोजक बद्री पुरी, प्रांतीय उपाध्यक्ष केशव गिरी, संजय पुरी, जागेश्वर बन, दामोदर पुरी, शंकर भारती, भुनेश्वर बन, घनश्याम गिरि नंद, सह सचिव विनय पुरी, देवेंद्र गिरी, संगठन सचिव भूपेन्द्र पुरी, धर्मेंद्र प्रकाश गिरी, मनीष बन, गिरीश पुरी गोसाई, संजय भरत गिरी, प्रचार सचिव कामेश्वर पुरी, भारद्धाज गिरी, पप्पू जनार्दन गोस्वामी, हेमंत बन, जिला अध्यक्ष गण बद्री पुरी रायपुर , होरेंद्र पुरी कांकेर, विश्वनाथ पुरी रायगढ़ , धनराज पुरी दुर्ग, उमेश गिरी गरियाबंद, तोषण गिरी महासमुन्द , घासी गिरी कोरबा, अजय गिरी अंबिकापुर , शैलेन्द्र गिरी सक्ती कार्यकारिणी सदस्य दिगंबर गिरी, पंकज गिरी, आकाश गिरी, चुनेश्वर पुरी, वीरेंद्र रमन गिरी संपादक दत्तप्रकाश मातृशक्ति प्रकोष्ठ के शारदा गोस्वामी, अनुपमा गोस्वामी उषा किरण गोस्वामी हिना गोस्वामी, मनीष गोस्वामी, संगीता गोस्वामी, सुधा गोस्वामी, सीमा भारती, मधु गोस्वामी, विमला गोस्वामी ने समस्त स्वजातीय बंधुओं और शिवभक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में महादेव घाट पहुँचकर इस दिव्य प्राकट्य उत्सव का हिस्सा बनें और आदिगुरु का आशीर्वाद प्राप्त करें।
कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु रायपुर जिला अध्यक्ष बद्रीपुरी के नेतृत्व में आयोजन समिति बनाई गई है जिसमें घनश्याम गिरी, अशोक गिरी, शैलेश गिरी, राकेश पुरी, सुशील पुरी, जयंत प्रकाश गिरी विक्की गोस्वामी, सुरेश गिरी, के बी गोस्वामी, लखनपुरी, हरीश पुरी, राजेश पुरी, दीपक गिरी, नारायण पुरी, दिनेश गिरी, टंकेश्वर पुरी, भूपेंद्र गिरी, भीष्म गोस्वामी, डॉ लालपुरी, प्राणेश्वर दाऊ, आशुतोष गोस्वामी, सोनू पुरी, संजू पूरी विशाल पुरी, आनंदपुरी, भगवंत गिरी, सोनगिरी, देवपुरी, प्रहलाद पुरी, सोनू गोस्वामी, रोमन गोस्वामी, कैलाश गोस्वामी, विकास गिरी, सुशील गोस्वामी, गोविंद गिरी, शेखर पुरी, नरेंद्र गिरी, धनंजय गोस्वामी, गुमान गिरी, मोनू गोस्वामी, कोमल पुरी, दानी गोस्वामी, भोजेंद्र गोस्वामी, महेन्द्र भारती, सुरेंद्र गिरी, दीपक पुरी, शांता भारती, डॉ ईश्वर पुरी, गुलशन गिरी, धीरेंद्र गिरी, राकेश गिरी, गोकुल गिरी, जितेंद्र गिरी, लल्लापुरी, बल्लू गिरी, किशोर पुरी, गजेंद्र गोस्वामी, शंकर पुरी, संदीप पुरी, प्रवीण गिरी, किशोर गिरी, नरेंद्र गिरी, मुकेश पुरी, शीला गोस्वामी, ममता गोस्वामी, शकुन गोस्वामी, गायत्री गोस्वामी, नमिता गोस्वामी, प्रियंका गोस्वामी, हेम कल्याणी गोस्वामी, लक्ष्मी गिरी, उर्वशी गोस्वामी, प्रमिला गोस्वामी सहित जिले के सदस्यगण आदि गुरु शंकराचार्य प्राकट्य उत्सव को सफल बनाने में लगे हुए हैं।



