शंकराचार्य के गौ रक्षा आंदोलन से भयभीत है यूपी सरकार: दांडी स्वामी इंदुभवनंद

शंकराचार्य के गौ रक्षा आंदोलन से भयभीत है यूपी सरकार: दांडी स्वामी इंदुभवनंद

January 25, 2026 0 By Central News Service

रायपुर /सनातन धर्म के सर्वोच्च शिखर पर विराजमान , शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी ने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दे गौ हत्या बंद करने की बात जब से यूपी सरकार से की तभी से वहां की सरकार उन्हें उत्पीड़ित कर रही। जिसका उदाहरण मौनी अमावस्या में गंगा स्नान से रोका जाना है।उक्त बातें सर्यूपारिण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ द्वारा गैर राजनीतिक आयोजित सनातन विद्वत सभा के मंच से दंडी स्वामी डॉ इंदुभवनंद जी ने कही। उन्होंने कहा कि शंकरचार्य जी का पत्ताभिषेक कब हुआ किसने किया ये सब जग जाहिर है। लेकिन सरकार उन्हें विवादास्पद बना गौ हत्या से ध्यान भटकाना चाहती है। शंकाराचार्य बोरियाकला आश्रम के श्री मदन मोहन उपाध्याय ने कहा कि शंकरचार्य इसे ही नही बन जाते,कई प्रक्रिया होती है ,अग्नि को स्पर्श नहीं करते, शास्त्रों में पारंगत होते हैं तप कर निकलना होता है तब उसस्थान पर पहुंच पाते हैं ।मसंद पीठ के पीठासीन श्री जलकुमार मसंद ने कहा कि शंकरचार्य हमारी सनातनी परम्परा के ध्वज वाहक हैं 2500साल पुरानी परंपरा है जिसे यूपी सरकार भंग करना चाहती है जो हम होने नहीं देंगे। श्री वीरेंद्र पांडे पूर्व विधायक ने कहा कि अब समय आ गया है सभी सनातनी धर्मप्रेमी जनता को इकठ्ठा होना पड़ेगा तभी धर्म रक्षा हो सकेगी। श्री पंकज शर्मा ने कहा कि शंकरचार्य जी हमारे आराध्य है उनका अपमान असहनीय है, उन्हें स्नान व धर्म कार्य से रोका जाना यूपी सरकार की अशोभनीय हरकत है,जितनी निंदा की जाए कम है।पूर्व महापौर प्रमोद दुबे न पूरे घटना की निंदा कर प्रशासन से माफी मांगने की बात कही। गोरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को मौनी अमावस्या पर पर्व स्नान से रोके जाने, बटुकों की शिखा पकड़ अपमान करने की घटना को लेकर सरयू पारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ सुरेश शुक्ला द्वारा एक गैरदलीय सनातन विद्वत सभा का आयोजन किया गया जिसमें सभी राजनीतिक दलों के सनातनी लोग भारी संख्या में उपस्थिति हुवे। कार्यक्रम में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन का पठन कर सुनाया गया जिसे उपस्थित जन समूह ने हाथ उठाकर अनुमोदित किया। ज्ञापन में यूपी प्रशासन के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। इस सभा में प्रमुख रूप से अरुण शुक्ला, श्री कुमार मेनन सुरेश मिश्रा, ज्ञानेश शर्मा, करन शर्मा नंदलाल देवांगन हिरेंद्र देवांगन, चंपा देवांगन सूरज जांगड़े,पप्पू बंजारे ,सुरेश साहू,मुकेश साहू मोहन साहू तीरथ साहू तीरथ यादव पप्पू यादव राज कुमार साहू,राकेश दुबे तरुण साहू बलराम देवांगन लोकेश साहूभारती बारले सरस्वती बघेल सुकून बघेल अवनीश जोशी गजेंद्र साहू तरुण देवांगन मानकी बंजारे सुरेश ढीमर लखन ढीमर हेमंत सिंह के के सिंह दुष्यंत चतुर्वेदी नीरज तिवारी