शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में आयुर्फेस्ट 2026 सांस्कृतिक कार्यक्रम धूमधाम आयोजित किया गया

शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में आयुर्फेस्ट 2026 सांस्कृतिक कार्यक्रम धूमधाम आयोजित किया गया

January 5, 2026 0 By Central News Service

रायपुर/श्री नारायण प्रसाद अवस्थी शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर में प्रत्येक वर्ष के तरह इस वर्ष भी आयुर्फेस्ट 2026 का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आज दिनांक 05 जनवरी को पं. दीन दयाल उपाध्याय स्मृति ऑडिटोरियम रायपुर में धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। आयुष विभाग के संचालक सुश्री संतन देवी जांगडे ने द्वीप प्रजलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्रों ने मंत्रोच्चारन, शंखनाद, कर धनवंतरी वंदना और राज्यगीत गाया।
इस अवसर पर डॉ सुनील दास संयुक्त संचालक तथा संस्था के पूर्व प्राचार्यगण डॉ डी के कटरिया, डॉ लीला पाण्डेय, डॉ ए के कुलश्रेष्ठ, डॉ आर एन त्रिपाठी, डॉ जी एस बघेल, डॉ जी आर चतुर्वेदी के गरिमामयी उपस्थिति में छात्र छात्राओ का रंगा रंग कार्यक्रम हुआ।
डॉ प्रवीण कुमार जोशी प्राचार्य शास आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर, द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुश्री संतन देवी जांगडे और संस्था के पूर्व प्राचार्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ जी आर चतुर्वेदी प्राचार्य शास आयुर्वेद महाविद्यालय बिलासपुर, डॉ जी आर रात्रे छात्र संघ प्रभारी, महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्यगण, प्राध्यापकगण, छात्र छात्राएं, अधिकारी, कर्मचारी गण उपस्थित रहे। कायचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ अरुणा ओझा के नेतृत्व में उनके टीम द्वारा पिछले 15 दिनों से सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी कराकर आज संपादित कराया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ संजय शुक्ला द्वारा तथा आभार प्रदर्शन डॉ जी आर रात्रे द्वारा किया गया।
आयुर्फेस्ट 2026 में महाविद्यालय के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र छात्राओ ने छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न संस्कृति को ध्वनि यन्त्र, गीत, नृत्य और नाट्य के माध्यम से प्रस्तुति दी साथ ही भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों की कला और संस्कृति की छठा बिखेरी। छात्रों ने नाट्य के द्वारा भारत में तेजी से फल फूल रहे दवा निर्माता कंपनियां की नकली दवा और गुणवत्ता विहीन दवा के विरोध में नकली कफ़ सिरप काण्ड को प्रस्तुत कर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बेहतर बताया। कार्यक्रम में सामूहिक राजस्थानी, गरबा, छतीसगढ़ी, पंथी नृत्य किया।