किसान कांग्रेस ने BJP सरकार पर साधा निशाना, अवैध खनन से किसानों की तबाही का आरोप…
December 30, 2025संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद 30 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। महासमुंद जिले में महासमुंद से तुमगांव जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य में ठेकेदार कंपनी M/s JD Construction द्वारा ग्राम कौंदकेरा के सार्वजनिक तालाब से अवैध रूप से मुरुम की निकासी का मामला तूल पकड़ रहा है।
किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मानिक साहू ने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह को शिकायत पत्र सौंपकर इस घोटाले को उजागर किया है, और सीधे तौर पर भाजपा सरकार की लापरवाही व भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया है।
साहू ने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा शासन की किसान-विरोधी नीतियों का नतीजा है, जहां ठेकेदारों को खुली छूट दी जा रही है और सार्वजनिक संसाधनों का दोहन हो रहा है।
शिकायत में खुलासा किया गया है कि PWD द्वारा सौंपे गए इस प्रोजेक्ट के लिए कौंदकेरा तालाब से सिर्फ 10 हजार घन मीटर मुरुम निकासी की अनुमति थी, लेकिन ठेकेदार ने अनुमानित 50,000 घन मीटर से अधिक मुरुम निकाल लिया। इससे तालाब की गहराई बढ़ गई, जल संग्रहण क्षमता बिगड़ गई और किसानों की सिंचाई, पेयजल तथा पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था संकट में पड़ गई।
साहू ने कहा, “भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ लघु खनिज नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। राज्य को लाखों रुपये की राजस्व हानि हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार आंखें मूंदे बैठी है। यह किसानों के साथ धोखा है, जो भाजपा की डबल इंजन सरकार का असली चेहरा दिखाता है।”
इसके अलावा, सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किए जाने के आरोप भी लगे हैं। उपयोग की जा रही सामग्री निम्न स्तर की है, सड़क की मोटाई-चौड़ाई मानकों से कम है, और कार्य की गति इतनी धीमी है कि सुरक्षा उपाय जैसे साइन बोर्ड और बैरिकेडिंग तक नहीं लगाए गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला भाजपा सरकार की निर्माण परियोजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है, जहां ठेकेदारों को संरक्षण मिल रहा है और जनता का पैसा लुटाया जा रहा है। विपक्षी कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार में ऐसी अनियमितताएं नहीं होती थीं, लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद विकास के नाम पर लूट मची हुई है।

किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मानिक साहू कलेक्टर मांग की है कि महासमुंद से तुमगांव बनने सड़क PWD, राजस्व और खनिज विभाग की मिली भगत की जांच की जाए साथ ठेकेदार पर जुर्माना, रॉयल्टी चोरी करने का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही तालाब की मरम्मत और पूरे प्रोजेक्ट की थर्ड पार्टी जांच की मांग की गई है। साहू ने चेतावनी दी, “यदि भाजपा सरकार ने किसानों के हितों की अनदेखी की तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। यह सिर्फ एक तालाब का मामला नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में किसानों की तबाही की साजिश है।”
जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष ने कलेक्टर से शिकायत कर कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को शिकायत की कॉपी भेजी गई हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह विवाद आगामी विधानसभा सत्र में गूंज सकता है, जहां कांग्रेस भाजपा को घेरने की तैयारी में है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों का गुस्सा बढ़ रहा है, और भाजपा सरकार की छवि पर इसका असर पड़ सकता है। विभागीय अधिकारियों ने शिकायत पर जांच की बात कही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।



