सरस्वती शिशु मंदिर महासमुंद में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन संपन्न…
November 30, 2025
संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद 30 नवंबर 2025/ स्थानीय भलेसर मार्ग पर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महासमुंद में सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम सम्पन्न हुआ l
कार्यक्रम में प्रथम वक्ता के रूप में श्रीमती पूर्णिमा साहू (अध्यक्ष, गायत्री महिला मंडल ), कार्यक्रम में द्वितीय वक्ता के रूप में श्रीमती कृष्णा चंद्राकर ( विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य ), विशेष अतिथि के रूप में श्रीमती संध्या शर्मा जी(जिला संयोजिका सप्तशक्ति संगम एवं आदर्श शिक्षा मंडल समिति के उपाध्यक्ष ), कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती भारती गुप्ता (आदर्श शिक्षा मंडल समिति के सदस्य ), श्रीमती मनोज साहू (सप्तशती संगम के प्रांतीय सदस्य एवं बालिका शिक्षा प्रांतीय प्रमुख ), श्री मती प्रिया योगेश्वर राजू सिन्हा (विद्यालय के पूर्व छात्रा) उपस्थित थे l

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती ओम एवं भारत माता के तैल्य चित्र पर पुष्प अर्पण, तिलक लगाकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया किया गया l इसके उपरांत अतिथि परिचय आचार्या मनोज साहू द्वारा एवं स्वागत आचार्या दुर्गेश नंदिनी चंद्राकर व सुश्री टिकेश्वरी चंद्राकर किया गया l
स्वागत के पश्चात् श्रीमती मनोज साहू द्वारा सप्तशक्ति संगम की प्रस्तावना व उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम विद्या भारती द्वारा देश भर में आयोजित किए जा रहे हैं। सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संयुक्त परिवार की संकल्पना को सुदृढ़ करना तथा स्त्री में निहित सप्त शक्तियाँ- कीर्ति , श्री , वाक , स्मृति , मेधा , धृति और क्षमा को जागृत कर परिवार एवं समाज निर्माण में नारी की भूमिका को सशक्त बनाना है ।
प्रथम वक्ता के रूप में उपस्थित श्रीमती पूर्णिमा साहू द्वारा कुटुंब प्रबोधन एवं पर्यावरण के सम्बन्ध में भारतीय दृष्टि विषय पर प्रभावी विचार प्रस्तुत किए । उन्होंने कहा कि परिवार भारतीय समाज की आधारशिला हैं, मातृशक्ति में वह गुण होती है, जो अपने बच्चों को और परिवार को जैसा चाहे वह उस गुण में ढाल सकती हैं, पर्यावरण सुरक्षा पर नारी शक्तियों को विशेष ध्यान देना चाहिए, इसके लिए परिवार के सदस्यों के जन्मदिन पर एक-एक पेड़ लगाते रहना चाहिए l
द्वितीय वक्ता के रूप में उपस्थित श्रीमती कृष्णा चंद्राकर द्वारा भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका विषय पर विचार प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि भारत के विकास में महिलाओं का योगदान आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है।
महिलाएं अब विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं, जिनमें चिकित्सा, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष, और रक्षा शामिल हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रीमती भारती गुप्ता ने कहा कि नारी शक्ति केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह समाज के विकास की एक अनिवार्य शर्त है,
जो कि हम सभी महिलाओं को सशक्त बनाते हैं, एवं मजबूत और समृद्ध समाज का निर्माण करती हैं l
इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी भी रखी गईं जिसमें माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया ।
तत्पश्चात रानी लक्ष्मीबाई , जीजा माता , अहिल्या बाई होलकर, रानी दुर्गावती, भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी एवं तीजनबाई जैसीवीरांगनाओं की वेशभूषा में बालिकाओं ने सप्त शक्ति के रूप मेंआकर्षक एवं रोचक झांकिया प्रस्तुत कर प्रेरणादायी संदेश दिया l
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन आचार्या श्रीमती निशा गोस्वामी द्वारा एवं इस पुरे कार्यक्रम का सफल संचालन बहन योगिता ध्रुव द्वारा किया गया।
विद्यालय की छात्रा कु. योगिता ध्रुव द्वारा किया गया l समापन अवसर श्री मती प्रिया योगेश्वर राजू सिन्हा द्वारा सभी माताओं को संकल्प दिलाया गया l

इस आयोजन को संपन्न कराने में विद्यालय के प्राचार्य श्री देवराज वर्मा, विद्यालय की सप्तशक्ति संगम की सह संयोजिका एवं बालिका विद्यालय की बालिका शिक्षा प्रभारी श्रीमती दुर्गेश नंदिनी चंद्राकर, सुश्री सरोजनी साव, श्रीमती तारणी गोस्वामी, श्रीमती मल्लिका चंद्राकर, श्रीमती किरण सोनी,श्रीमती गुरबारी सोनी , श्रीमती उत्तरा सिंन्हा , सुश्री तनुजा साहू, श्री साक्षी घोड़ेचोरे, का सहयोग रहा l
इस आशय की जानकारी प्रचार प्रसार प्रमुख पवन कुमार निर्मलकर एवं ललित कुमार सिन्हा द्वारा दिया गया l



