बड़ी खबर- बागेश्वर धाम कि महिमा अपरम्पार…सुल्ताना से शुभी बनी… पीठाधीश्वर महाराज को बांधी राखी…

बड़ी खबर- बागेश्वर धाम कि महिमा अपरम्पार…सुल्ताना से शुभी बनी… पीठाधीश्वर महाराज को बांधी राखी…

January 22, 2023 0 By Central News Service

रायपुर 22 जनवरी 2023/ सनातन धर्म कि स्वांलबी बने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी कि अद्भुत लोक कार्य से आज कोई वंचित नहीं है। बाघेश्वर धाम के दरबार मे बिलासपुर की रहने वाली सुल्ताना बेगम ने हिन्दू धर्म अपना लिया है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के मौजूदगी में उन्होंने हिन्दू धर्म को अपनाया है। आज सुल्ताना बेगम का नामकरण था, और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने उनका नाम शुभी रखा। साथ ही शुभी की इच्छा के तहत उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री को राखी भी बांधी।

इस दौरान जब शुभी मीडिया से मुखातिब हुई तो उन्होंने कहा कि वो कृष्णा की पूजा करती थी इसलिए उसे परिजनों ने निकाल दिया था। सुल्ताना ( पुर्व नाम) ने बताया कि मथुरा जाकर उन्होंने श्री कृष्ण कि लड्डू गोपाल कि मूर्ति लाकर पुजा अराधना शुरू कर दिए जिससे उनके परिजनों ने उनके ऊपर मूर्ति पूजा को हिन्दू धर्म बताकर उन्हें परिवार से निष्कासित कि सजा सुना दी थी। जहां वो काम करती थी वहां से भी प्रताड़ित कर निकाल दिया गया । शुभी ने आगे कहा कि बहुत लोगों ने मेरे पर लांछन लगाए । मेरे काम से भी निकाला गया। पर अब मैं हिन्दू धर्म मे आकर बहुत खुश हूं, उन्होंने पीठाधीश्वर महाराज बागेश्वर धाम वाले को कहा कि मेरी लालसा बस इतना है कि आप मेरे भाई बने, इस बात पर महराज जी ने कहा कि मैं क्या पुरे एक करोड़ से अधिक हिन्दू भाई आपका अपना भाई है, आपका नया नामकरण के साथ ही मुझे राखी बांध देना। इस पर शुभी ने कहा कि अब मेरे साथ मेरे भैया बागेश्वर धाम के भगवान बालाजी एवं हनुमान जी कि सच्चे साधक धीरेन्द्र शास्त्री का आशीर्वाद मेरे साथ है मैं बहुत खुश हूं ऐसा लगता है कि आज पुरा संसार मुझे मिल गई।

शुभी ने कहा कि हिन्दू धर्म संस्कारों वाला धर्म है। इसमें भाई-बहन में शादियाँ नहीं होती। इसमें औरतों की जिंदगी बर्बाद नहीं होती। इसमें तीन तलाक नहीं होता मैं लड्डू गोपाल की भी पूजा करती हूं।

बता दें शुभी (सुल्ताना बेगम ) बिलासपुर की रहने वाली है। उसके तीन भाई भी और माता पिता भी है। मूर्ति पूजा की वजह से उसे घर से निकाल दिया गया था। लेकिन शुभी ने कभी भी हिम्मत नहीं हारी उन्होंने लगातार भगवान को सच्चे मन से पुकार करी जो कि प्रत्यक्ष रूप से सामने आई।