विघुत विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रूपये ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार..03 लोगों से 17 लाख 40 रूपए कि ठगी..
November 16, 2022
रायपुर 16 नवंबर 2022/ राजधानी के विघुत विभाग में डाटा आपरेटर पद पर नौकरी दिलाने के नाम से कबीरधाम निवासी दिनेश मानिकपुरी ने 02 लोगों से लाखों रुपए कि ठगी किए हैं, जिसको रायपुर पुलिस ने फरार आरोपी गिरफ्तार किया है।
रायपुर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नागेश्वरी साहू ने थाना आमानाका में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह राजीव नगर महोबा बाजार में रहती है। प्रार्थिया के परिचित दिनेश मानिकपुरी निवासी चंगोराभाठा डी.डी.नगर ने स्वयं की पहचान विद्युत विभाग के बड़े अधिकारियों से होना बताकर प्रार्थिया को विद्युत विभाग में डाटा एण्ट्री आपरेटर के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देते हुए 08 लाख रुपये नौकरी लगाने के एवज देना पड़ेगा बताया, जिससे प्रार्थिया दिनेश मानिकपुरी के झांसे में आकर अलग – अलग किश्तों में कुल 6,90,000 रूपये दिनेश मानिकपुरी को दी तथा डाटा एन्ट्री आॅपरेटर हेतु फार्म भरा।

रिजल्ट आने के उपरान्त प्रार्थिया की नियुक्ति नहीं होने पर उसके द्वारा दिनेश मानिकपुरी से अपने दिये हुये रूपये वापस मांगने पर दिनेश मानिकपुरी बाद में दुंगा कहकर लगातार टालमटोल करने लगा जिसको अभी तक रकम वापस नहीं किया है। प्रार्थिया को वह गोलमोल जवाब देकर गुमराह करता था। इसके अतिरिक्त दिनेश मानिकपुरी ने दिलेश्वर साहू निवासी मटिया (बारगांव) से 06 लाख रूपये तथा गुलशन साहू निवासी खैरझिटी से 4,50,000 रुपये डाटा एण्ट्री आपरेटर के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर लिया है।
इस प्रकार दिनेश मानिकपुरी द्वारा तीनों को अपने झांसे में लेकर डाटा एण्ट्री आपरेटर के पद पर नौकरी लगाने का प्रलोभन देकर कुल 17 लाख 40 हजार रूपये प्राप्त कर ठगी किया जिस पर आरोपी के विरूद्ध थाना आमानाका में अपराध क्रमांक 427/22 धारा 420 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

ठगी की उक्त घटना को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल द्वारा गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम देवचरण पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक आजाद चौक मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) तथा थाना प्रभारी आमानाका निरीक्षक संतराम सोनी को आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व थाना प्रभारी आमानाका के नेतृत्व में थाना आमानाका पुलिस की टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थिया सहित अन्य दोनों से विस्तृत पूछताछ कर आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था, इसी दौरान पुलिस टीम के सदस्यों को आरोपी की उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने पर आरोपी दिनेश मानिकपुरी को पकड़ा गया। दिनेश मानिकपुरी से घटना के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर उसके द्वारा ठगी की उक्त घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया। जिस पर आरोपी दिनेश मानिकपुरी को गिरफ्तार कर कार्यवाही की गई।


