पत्तन, पोत परिवहन मंत्रालय ने अवसंरचना के लिए जारी किए मसौदा दिशानिर्देश
December 7, 2020
नयी दिल्ली, सात दिसंबर (भाषा) पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने देश में जेट्टी (घाट) समेत जल क्षेत्र में अन्य अवसंरचनाओं की तकनीकी विशेषताओं को लेकर सोमवार को मसौदा दिशानिर्देश जारी किए। मंत्रालय ने इस पर संबंधित पक्षों से प्रतिक्रिया मांगी है। मंत्रालय की योजना देश के समुद्र तट के साथ-साथ जल क्षेत्रों में घाटों (फ्लोटिंग) के निर्माण को प्रोत्साहन देने की है। ताकि उनका उपयोग विभिन्न कामों के लिए किया जा सके। आधिकारिक बयान के मुताबिक मंत्रालय ने ऐसी अवसंरचनाओं के लिए तकनीकी विशेषताओं के दिशानिर्देश का मसौदा तैयार किया है। इसका मकसद देश में विश्व स्तरीय घाट इत्यादि का निर्माण करना है। इस पर हितधारकों से राय आमंत्रित है। जल क्षेत्र में घाटों को बनाने का अपना लाभ है। इनका निर्माण छह से आठ महीने में किया जा सकता है जबकि पारंपरिक स्थायी ढांचों को खड़ा करने में 24 महीने का वक्त लगता है। साथ ही इसका पर्यावरण पर न्यूनतम असर पड़ता है और इसका विस्तार करना भी आसान है। मंत्रालय गोवा में यात्रियों के लिए जल क्षेत्र में घाट बना रहा है। जबकि साबरमती नदी और सरदार सरोवर बांध के बीच सी-प्लेन (पानी से उड़ान भरने में सक्षम) सेवा के लिए जलीय पत्तन का विकास कर रहा है। मंत्रालय इस तरह की करीब 80 परियोजनाओं पर काम कर रहा है।

