CGPSC में दो महीने से नेतृत्व का सूखा, अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने से हजारों युवाओं का भविष्य अटका

CGPSC में दो महीने से नेतृत्व का सूखा, अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने से हजारों युवाओं का भविष्य अटका

November 6, 2026 0 By Central News Service

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) पिछले दो महीनों से बिना अध्यक्ष के चल रहा है। पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष रीता शांडिल्य का कार्यकाल 8 सितंबर 2026 को समाप्त होने के बाद से यह पद रिक्त है। सरकार ने अब तक न स्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया है और न ही किसी सदस्य को कार्यवाहक जिम्मेदारी दी है।

नियुक्ति में देरी क्यों?

सूत्रों के अनुसार, पिछले भर्ती घोटालों के आरोपों के बाद सरकार किसी बेदाग छवि वाले व्यक्ति की तलाश में है, ताकि आयोग की साख बहाल हो सके। वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। वहीं कांग्रेस ने देरी को प्रशासनिक लापरवाही बताया है।

क्या-क्या काम अटके?

  • राज्य सेवा परीक्षा-2025 के इंटरव्यू ठप: मुख्य परीक्षा पास कर चुके 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू का इंतजार कर रहे हैं। 23 सितंबर से शुरू होने वाले साक्षात्कार स्थगित कर दिए गए।
  • नई भर्तियां टलीं: PWD के 40 पद और पुलिस में SI, सूबेदार व प्लाटून कमांडर के 297 पदों की परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए टल गई।
  • राज्य सेवा-2026 का विज्ञापन संकट में: हर साल 26 नवंबर को विज्ञापन जारी होता है। 26 नवंबर तक अध्यक्ष नहीं मिला तो विज्ञापन भी समय पर जारी नहीं हो पाएगा।
  • प्रमोशन अटका: 54 विभागों में सैकड़ों अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति (DPC) प्रक्रिया रुक गई है। राजपत्रित अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चिंता जताई है।

फिलहाल आयोग का काम तीन सदस्य संभाल रहे हैं, लेकिन नीतिगत निर्णय का अधिकार सिर्फ अध्यक्ष के पास है।