अर्नब चक्रवात से बर्बाद हुई फसल पर छत्तीसगढ़ के किसानों को मिले ₹40,000 प्रति एकड़ मुआवजा, PM CARES Fund से विशेष राहत पैकेज घोषित करे केंद्र सरकार : जागेश्वर जुगनू चंद्राकर
November 6, 2026
संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद 05 नवंबर 2026// छत्तीसगढ़ में अर्नब चक्रवात एवं बेमौसम भारी बारिश से किसानों की धान सहित अन्य खरीफ फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर ने केंद्र सरकार से प्रदेश के सभी प्रभावित किसानों को ₹40,000 प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान कई महीनों तक दिन-रात मेहनत करके अपनी फसल तैयार करता है। खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल, मजदूरी और सिंचाई पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद जब फसल कटाई के लिए तैयार होती है, तब चक्रवात और बेमौसम बारिश उसकी पूरी मेहनत पर पानी फेर देती है।
प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसल बर्बाद होने से उनके सामने परिवार का भरण-पोषण, कृषि ऋण की अदायगी, बच्चों की शिक्षा और आगामी फसल की तैयारी का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
जागेश्वर जुगनू चंद्राकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार से मांग की है कि PM CARES Fund के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सभी प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत सहायता पैकेज घोषित किया जाए और प्रत्येक प्रभावित किसान को फसल क्षति के अनुरूप ₹40,000 प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

हमारी प्रमुख मांगें
- छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में चक्रवात एवं बेमौसम बारिश से प्रभावित फसलों का तत्काल निष्पक्ष सर्वे कराया जाए।
- प्रत्येक प्रभावित किसान को ₹40,000 प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता PM CARES Fund के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए।
- जिन किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राहत राशि दी जाए।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पात्र किसानों को बीमा दावा राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए।
- प्रभावित किसानों के कृषि ऋण की वसूली पर राहत एवं अतिरिक्त समय दिया जाए।
- केंद्र एवं राज्य सरकार संयुक्त रूप से विशेष किसान राहत पैकेज की घोषणा करें।
- प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाई जाए।
किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देना जरूरी
उन्होंने कहा कि किसानों को केवल सर्वेक्षण और आश्वासन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। जिन किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है, उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिलना आवश्यक है, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें और अगली फसल की तैयारी कर सकें।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि PM CARES Fund के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए विशेष सहायता देने पर विचार किया जाए तथा राज्य सरकार को शीघ्र सर्वेक्षण और राहत वितरण के निर्देश दिए जाएं।
किसान कोई खैरात नहीं मांग रहा है, वह अपनी महीनों की मेहनत से तैयार की गई बर्बाद फसल का उचित मुआवजा मांग रहा है। अन्नदाता को आर्थिक संकट से उबारना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।




