साड़ी पहनकर AK-47 से हर्ष फायरिंग, एसपी अंकिता शर्मा से मांगा गया स्पष्टीकरण, आई जी अजय यादव ने कहा स्पष्टीकरण अभी तक नहीं मिला…

साड़ी पहनकर AK-47 से हर्ष फायरिंग, एसपी अंकिता शर्मा से मांगा गया स्पष्टीकरण, आई जी अजय यादव ने कहा स्पष्टीकरण अभी तक नहीं मिला…

October 23, 2026 0 By Central News Service

राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026//छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में विजयादशमी के अवसर पर पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा द्वारा AK-47 से की गई हर्ष फायरिंग का मामला चर्चा में है। इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लेते हुए राजनांदगांव रेंज के IG अजय यादव के माध्यम से एसपी से स्पष्टीकरण मांगा है।


विजयादशमी पर राजनांदगांव के पुलिस लाइन स्थित रक्षित केंद्र में परंपरागत रूप से शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया था। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। पुलिस ने शस्त्रों की पूजा कर बुराई के अंत और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।

कार्यक्रम के दौरान साड़ी पहने एसपी अंकिता शर्मा ने AK-47 से हर्ष फायरिंग की थी। इसका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कुछ विशेषज्ञों ने फायरिंग की तकनीक और पुलिस के शस्त्र संचालन संबंधी नियमों के संदर्भ में सवाल उठाए।


मामले पर राजनांदगांव रेंज के आईजी अजय यादव ने बताया कि यह प्रकरण पुलिस मुख्यालय के संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर पुलिस विभाग में परंपरागत रूप से शस्त्र पूजन किया जाता है, लेकिन राजनांदगांव में हुई हर्ष फायरिंग को लेकर मीडिया में उठे सवालों के संबंध में पुलिस मुख्यालय ने स्पष्टीकरण मांगा है।

आईजी के अनुसार, एसपी से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि फायरिंग की प्रक्रिया पुलिस के शस्त्र संबंधी नियमों के अनुरूप थी या नहीं। साथ ही, इस घटना को लेकर पुलिस की गरिमा के संबंध में उठी टिप्पणियों पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।


आईजी अजय यादव ने बताया कि एसपी का स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद उनकी टिप्पणी के साथ प्रकरण पुलिस मुख्यालय को भेजा जाएगा। इसके बाद मुख्यालय से मिलने वाले निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, मामले में एसपी अंकिता शर्मा का स्पष्टीकरण और पुलिस मुख्यालय के अगले निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। अंतिम निर्णय संबंधित तथ्यों और विभागीय नियमों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।