प्रशासन के जागने से पहले सरपंच ने संभाला मोर्चा, मुरुम डालकर शुरू कराई आवाजाही…कमरौद-चरौदा मार्ग में पानी से ढहा था रास्ता, किसानों को हो रही थी परेशानी…
August 27, 2026
संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद, 27 अगस्त 2026। महासमुंद जिले के कमरौद से चरौदा पहुंच मार्ग बारिश के पानी के कारण क्षतिग्रस्त होकर ढह गया था। मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय कमरौद की सरपंच श्रीमती भारती वेणु साहू ने पहल करते हुए क्षतिग्रस्त मार्ग पर मुरुम डलवाकर अस्थायी रूप से आवाजाही शुरू करा दी।
बारिश के दौरान मार्ग का एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। ग्रामीणों के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि चरौदा स्थित सोसायटी से किसान धान बेचने के साथ ही खाद-बीज लेने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। रास्ता बंद होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई थी।
दो बार मुख्यमंत्री से कर चुके हैं मांग
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार कमरौद-चरौदा मार्ग की समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों द्वारा दो बार मुख्यमंत्री से मार्ग के स्थायी समाधान की मांग की जा चुकी है। पहली 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भेंट मुलाकात कार्यक्रम म.कसहीबाहरा एवं दुसरी बार ग्राम कमरौद में सुशासन तिहार में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यक्रम में दोनों बार मात्र घोषणा का आश्वासन बस मिला है,बावजूद समस्या का स्थायी निराकरण नहीं हुआ है। जिसके चलते ग्रामीणों में नाराजगी है।

कमरौद चरौदा क्षतिग्रस्त मार्ग
जिला कलेक्टर को पूर्व सोसायटी अध्यक्ष मोहन कुलदीप ने मुलाकात कर अवगत कराया
ग्राम कमरौद निवासी एवं पूर्व सोसायटी अध्यक्ष चरौदा के मोहन कुलदीप ने जनदर्शन में जाकर हो रहें परेशानियों का जल्द निराकरण करने अवगत कराया था। लेकिन प्रशासन के पहले हि सरपंच ने अस्थाई सुविधा उपलब्ध करा दी गई।
फिलहाल सरपंच की पहल से मुरुम डालकर मार्ग पर आवागमन शुरू होने से ग्रामीणों और किसानों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए शासन-प्रशासन से मार्ग का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात में बार-बार ऐसी स्थिति निर्मित न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि की समय पर की गई पहल ने प्रशासन के पहुंचने से पहले ही रास्ता खोल दिया और किसानों की तत्काल परेशानी दूर की।



