रायपुर में हर्षोल्लास से निकली पुरानी बस्ती की प्राचीन रथ यात्रा, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
July 16, 2026रायपुर। राजधानी की सबसे प्राचीन रथ यात्रा का पावन पर्व बुधवार को पुरानी बस्ती स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर, टूरी हटरी में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मान्यता है कि यह रथ यात्रा 250 वर्षों से भी अधिक पुरानी है।
प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 9 बजे होम-हवन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद भगवान जगन्नाथ की विशेष आरती की गई। दोपहर में भोग-भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
अपराह्न 3:30 बजे विधि-विधान से रथ यात्रा निकाली गई। रथ पर विराजित भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए हजारों लोग परिवार सहित सड़कों पर उमड़े। भक्त रथ की रस्सी खींचने के लिए आतुर दिखे।
“जगन्नाथ जी स्वयं भक्तों के द्वार आते हैं”
इस अवसर पर महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को प्रत्येक वर्ष यह त्योहार मनाया जाता है। उन्होंने कहा, “हमें दर्शन के लिए मंदिर जाना पड़ता है, लेकिन भगवान श्री जगन्नाथ विश्व के एकमात्र ऐसे देवता हैं जो स्वयं अपने भक्तों के द्वार तक पहुंचकर दर्शन देते हैं। वे जगत के स्वामी हैं, इसलिए जगन्नाथ कहलाते हैं।”
उन्होंने बताया कि पुरानी बस्ती की यह रथ यात्रा रायपुर नगर की सबसे प्राचीन परंपरा है जिसमें हर वर्ष हजारों श्रद्धालु श्रद्धा के साथ शामिल होते हैं।
रथ यात्रा में दाऊ महेंद्र अग्रवाल, सुरेश शुक्ला, अजय तिवारी, विजय पाली, रामकृष्ण पाली, तोय निधि वैष्णव, बृजभूषण द्विवेदी, अनिल बरोड़िया, प्रशांत ठेंगड़ी, राहुल उपाध्याय, तिलक दास जी, राम छबिदास जी, राम प्रिय दास जी, राम लोचन दास जी, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।
पूरे दिन मंदिर परिसर भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंजता रहा।

