तारुण्य वार्ता अभियान: स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से तोड़ी माहवारी पर चुप्पीयूनिसेफ और स्काउट्स-गाइड्स की कार्यशाला में स्वच्छता और जागरूकता पर जोर
July 15, 2026गोगांव: भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से संचालित “तारुण्य वार्ता #पीरियड पर खुलकर” अभियान के तहत स्वामी आत्मानंद स्कूल गोगांव में बुधवार को विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा प्रस्तुत एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक से हुई। नाटक के जरिए बच्चों ने समाज में माहवारी को लेकर फैली भ्रांतियों, संकोच और गलत धारणाओं को तोड़ने का संदेश दिया।
बच्चों ने अपने सशक्त अभिनय से यह स्पष्ट किया कि माहवारी एक सामान्य और प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। इसे शर्म का विषय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान से जुड़ा मुद्दा मानकर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
नाटक में माहवारी के दौरान स्वच्छता, सैनिटरी पैड का सुरक्षित उपयोग, संतुलित पोषण, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और परिवार-समाज की सकारात्मक भूमिका को भी दर्शाया गया।
कार्यक्रम में यूनिसेफ की टीम से विराजा मैडम, अभिषेक त्रिपाठी, दिलीप पटेल, संस्था प्राचार्य उत्तरा ध्रुव, मीना भारद्वाज सहित स्काउट-गाइड के बच्चे उपस्थित रहे। यूनिसेफ और राज्य मुख्यालय की टीम ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में इस तरह की जागरूकता गतिविधियां बेहद जरूरी हैं।
कार्यशाला के दौरान छात्रों से सीधा संवाद भी किया गया। माहवारी से जुड़े सवालों के वैज्ञानिक और सरल उत्तर दिए गए। आयोजन का उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और युवाओं को भी इस विषय पर संवेदनशील बनाना था।
समापन पर सभी पदाधिकारियों ने माहवारी से जुड़े मिथकों को खत्म करने, खुलकर बात करने और स्वच्छता अपनाने का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण हो सके।

