भाजपा सरकार को ले डूबेगी नकटी गांव के 60 परिवारों के आँसुओं का सैलाब : विनोद चंद्राकर

भाजपा सरकार को ले डूबेगी नकटी गांव के 60 परिवारों के आँसुओं का सैलाब : विनोद चंद्राकर

June 30, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 30 जून 2026// पूर्व संसदीय सचिव छग शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने रायपुर के नकटी गांव में आज हुए बेदखली की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे प्रशासनिक कार्रवाई नहीं अपितु भाजपा सरकार की क्रूरता और धोखेबाजी का जीवंत उदाहरण बताया है।

चंद्राकर ने कहा कि सुबह 4 बजे जब पूरा प्रदेश सो रहा था, तब इस सरकार ने भारी पुलिस बल और दर्जनों जेसीबी के साथ 60 गरीब परिवारों के सिर से छत छीन ली। महिलाएं बिलखती रहीं, बच्चे भूख से तड़पते रहे और सरकार का बुलडोजर चलता रहा। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की आत्मा को झकझोर देने वाला है।

पूर्व संसदीय सचिव ने कहा कि इस कांड का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि भाजपा के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्थानीय विधायक अनुज शर्मा ने कुछ दिन पहले ही मीडिया के सामने बयान देकर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि चिंता मत करो किसी का घर नहीं टूटेगा। भोले-भाले ग्रामीण उनके बातों पर भरोसा कर निश्चिंत हो गए। उसी भरोसे की आड़ में सरकार ने तड़के अंधेरे में हमला बोला। यह सिर्फ मकान तोड़ना नहीं है। यह भाजपा के चरित्र का प्रमाण है कि वह चुनाव के वक्त वादा करती है और सत्ता में आते ही गरीब की पीठ में छुरा घोंपती है। प्रशासन कह रहा है कि यह 9 हेक्टेयर सरकारी जमीन थी। सवाल यह है कि 22 साल से यहां लोग रह रहे थे तो सरकार कहां सो रही थी। इन्हीं परिवारों को बिजली कनेक्शन दिए, पानी की लाइन बिछाई, राशन कार्ड बनाए, पांच नए हितग्राहियों के नाम आवास भी स्वीकृत किए। जब वोट लेने थे तब ये लोग वैध थे। जब बुलडोजर चलाना था तब अवैध हो गए। यह दोहरा मापदंड नहीं तो क्या है।

चंद्राकर ने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान का मंजर सबसे दर्दनाक था। एक तरफ प्रशासनिक अमला जेसीबी के पास बैठकर नाश्ता और भोजन कर रहा था। दूसरी तरफ जिनके घर उजड़ रहे थे उनके बच्चे सुबह से भूखे थे। इस दृश्य से पूरा प्रदेश उद्वेलित हो उठा, लेकिन सरकारी क्रूरता को अंजाम तक पहुंचाने वाले अफसरों का दिल नहीं पसीजा। सरकार ने इन 60 परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 में बने इंडस्ट्रियल टीन शेडों में फेंक दिया है। जहां न दरवाजा, न शौचालय और  न ही सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम। क्या यही है भाजपा का गरीब कल्याण मॉडल। उन्होने इस अमानवीय कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सभी 60 परिवारों को उसी स्थान पर या नवा रायपुर में पक्के मकान के साथ 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। जनता को झूठा आश्वासन देने वाले सांसद और विधायक सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। भाजपा सरकार कान खोलकर सुन ले। बुलडोजर से आप गरीब का घर गिरा सकते हैं, हौसला नहीं। नकटी के लोगों के आंसू का हिसाब जनता भाजपा को जरूर देगी। यह लड़ाई सिर्फ 60 घरों की नहीं है। यह लड़ाई उस हर गरीब की है जिसके सिर पर भाजपा का बुलडोजर लटक रहा है।