सफाई के नाम पर खानापूर्ति’ – 15 दिन बाद फिर जाम हुआ भावे नगर नाला, जलभराव का खतरा
June 28, 2026रायपुर | सिविल लाइन वार्ड के भावे नगर इलाके में नाले की सफाई को लेकर नगर निगम की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं।
स्थानीय नेताओं का आरोप है कि करीब 15 दिन पहले महापौर मीनल चौबे ने मौके पर पहुंचकर नाले की सफाई कराने और लोगों को राहत देने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज स्थिति जस की तस है।
नेता प्रतिपक्ष ने किया औचक निरीक्षण
आज स्थानीय लोगों के बुलावे पर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी भावे नगर नाले का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर सिर्फ ऊपरी कचरा हटाया गया था।
“नाले से कचरा ऊपर का निकल गया बस, और आज वही कचरा वापस जम गया है। पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है। अगर सफाई सही तरीके से हुई होती तो पानी बहता रहता, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है,” आकाश तिवारी ने मौके पर कहा।
‘जलभराव से कोई नहीं बचा सकता’
नेता प्रतिपक्ष ने नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, महापौर और उनकी परिषद की गंभीरता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई सिर्फ कागजों और फोटो खिंचवाने तक सीमित है।
“इससे साफ पता चलता है कि रायपुर नगर निगम नाले की सफाई को लेकर कितना गंभीर है। आने वाले समय में अगर यही हाल रहा तो रायपुर राजधानी को जलभराव से कोई नहीं बचा सकता। यह सत्य है क्योंकि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है,” तिवारी ने कहा।
स्थानीय निवासियों ने भी नाराजगी जताते हुए मांग की है कि नाले की जड़ से सफाई कराकर मानसून से पहले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
फिलहाल इस संबंध में नगर निगम प्रशासन का पक्ष नहीं मिल पाया है।


