छग बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने कृषि साख समिति पहुंचकर खाद बीज लेने आए किसानों से चर्चा किए….

छग बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने कृषि साख समिति पहुंचकर खाद बीज लेने आए किसानों से चर्चा किए….

June 27, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 27 जून 2026// छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम (छ.ग. बीज निगम) के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने आज महासमुंद के प्राथमिक कृषि साख समिति झालखम्हरिया, कोसरंगी एवं खट्टी में खाद, बीज लेने आए किसानों से चर्चा किये । समिति प्रबंधक से जानकारी लिया कि खाद एवं बीज पर्याप्त मात्रा है कि नहीं । शासन के योजना अनुरूप किसानों वितरण हो रहा है कि नहीं । प्रबंधकों ने कहा कि खाद बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध किसानों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है ।

चंद्राकर ने किसानों से चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान कृषि विभाग और सहकारी समितियों द्वारा पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद (यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश) उपलब्ध कराई जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने के कारण, सरकार डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी और एनपीके के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (CGBKVN) किसानों को उन्नत किस्म के प्रमाणित बीज और अनुदान (सब्सिडी) पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराती है। निगम ‘चैम्स’ (CHAMPS) प्रणाली और ‘बीज ग्राम योजना’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने और खेती के मशीनीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य करता है। उन्नत एवं प्रमाणित बीजों का वितरणउद्देश्य: खरीफ और रबी सीजन में किसानों को अधिक उपज देने वाले प्रमाणित बीज (धान, दलहन, तिलहन, आदि) उपलब्ध कराना। प्रमाणित बीजों के उपयोग से फसल की पैदावार में 10% से 15% की वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि CHAMPS योजना के माध्यम से कृषि यंत्रों पर सब्सिडीसब्सिडी: इस योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, रीपर, वीडर, पावर टिलर और स्प्रेयर जैसे कृषि उपकरणों पर 40% से 50% तक सब्सिडी प्रदान की जाती है।प्रक्रिया: सब्सिडी की धनराशि सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है । रासायनिक खाद (उर्वरक) का उपयोग मिट्टी में पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्वों (जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश) की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है। यह फसलों की त्वरित वृद्धि और पैदावार बढ़ाने में अत्यधिक प्रभावी है। फसलों की गुणवत्ता, चमक और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए उपयोग करते समय सावधानियां बरतें मात्रा का ध्यान रखें: हमेशा मिट्टी की जांच के आधार पर ही संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग करें।

रासायनिक खाद हमेशा खेत में पर्याप्त नमी होने पर ही डालें, अन्यथा पौधों के जलने का खतरा रहता है। रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कमजोर होती है। इसलिए जैविक खाद (कम्पोस्ट, गोबर की खाद) के साथ इनका संतुलित उपयोग करना चाहिए । समितियों में यूरिया,सुपरफास्फेट, पोटाश,डीएपी खाद तो उपलब्ध है ही साथ ही आधार बीज एवं प्रमाणित बीज स्वर्णा, सब वन, 1001, 1156 बीज भी समितियों में उपलब्ध है ।

चंद्राकर ने किसान भाईयों को ये भी बताया कि बीज के पैकेट में जो टैग लगा रहता है उसे संभाल कर रखे, क्योंकि उस टैग में बीज उपलब्ध कराने वाले का सम्पूर्ण जानकारी होता है । ताकि अमानक पाए जाने पर उनके उपर कार्यवाही कर सकें ।

इस अवसर पर प्रदेश कार्य समिति सदस्य भाजपा किसान मोर्चा के प्रेम चंद्राकर, पूर्व मंडल अध्यक्ष श्याम साकारकर, कोसरंगी के सरपंच सुरेश साहू, द्वारिका साहू, सोमनाथ साहू, धनेश्वर, रेवा निषाद, मोती साहू, किरण कुमार निषाद उपस्थित थे ।