महासमुन्द: आदर्श शहर समृद्धि योजना में शामिल हुआ महासमुन्द नगरपालिका..2026-27 में 200 करोड़ का बजट प्रावधान, नपा उपाध्यक्ष व पार्षदों ने जताया आभार..

महासमुन्द: आदर्श शहर समृद्धि योजना में शामिल हुआ महासमुन्द नगरपालिका..2026-27 में 200 करोड़ का बजट प्रावधान, नपा उपाध्यक्ष व पार्षदों ने जताया आभार..

June 11, 2026 0 By Central News Service

महासमुन्द 11 जून 2026// छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के 32 नगरीय निकायों में आदर्श शहर समृद्धि योजना प्रारम्भ कर 2026-27 में लगभग 200 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है। महासमुन्द नगरपालिका को शहर समृद्धि योजना में शामिल करने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित भाजपा प्रदेश व स्थानीय नेताओं का नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचन्द राठी, प्रतिपक्ष नेता नानू भाई, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष व पार्षद पवन पटेल, भाजपा पार्षदगण श्रीमती सुन्नैना पप्पू ठाकुर, सीता टोनडेकर, जरीना हफीज कुरैशी, माखन पटेल, कल्पना सूर्यवंशी, माधुरी धनीराम यदु, प्रीति बादल मक्कड़, निश्चय चंद्राकर, चन्द्रशेखर बेलदार, भारती राजू चंद्राकर, भाऊराम साहू, पियुष साहू, शुभ्रा शर्मा, धनेश्वरी सोनाधारी सोनवानी, सांसद प्रतिनिधि महेन्द्र जैन, विधायक प्रतिनिधि हफीज कुरैशी ने बधाई व साधुवाद देते हुए आभार व्यक्त किया है।

क्षेत्र के विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा का शहर विकास के लिए सतत् प्रयास जारी रहा। परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ शासन ने महासमुन्द नगरपालिका को शहरी समृद्धि योजना में शामिल किया है। शहर के नागरिकों में खुशी की लहर है।


राठी जी ने आगे बताया कि भाजपा सरकार की योजना है कि बड़े नगरों की तरह छोटे शहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए। नगरीय निकायों के समग्र विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 2047 विकसित भारत निर्माण के संकल्प में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। इससे शहर के सभी वार्डों का समान विकास होगा। मूलभूत सुविधा जनता को उपलब्ध होगी। प्रकाश, पानी, सफाई तथा विकास कार्यों पर फोकस होगा।


आदर्श शहर समृद्धि योजना में सड़क, ड्रेनेज, जलआपूर्ति, परिवहन, पार्क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवाएं, रोजगार, व्यापार, उद्यमिता प्रोत्साहन, ई-गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा प्रणाली, हरित क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण जैसे अन्य कार्य कराए जाने हैं।