महासमुंद – एक तरफ बर्ड फ्लू और एक तरफ मक्खी का प्रकोप… ग्राम वासी परेशान..

महासमुंद – एक तरफ बर्ड फ्लू और एक तरफ मक्खी का प्रकोप… ग्राम वासी परेशान..

March 30, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 30 मार्च 2026/ प्रदेश में अभी बर्ड फ्लू कि पशुधन विकास केंद्र एवं शासन द्वारा जारी आदेश में पुष्टि किया गया है। हालांकि बर्ड फ्लू अभी कुछेक क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें प्रशासन ने उसमें काबु पाने हेतु आवश्यक दवाइयां प्रयोग में लाएं हैं।

वही ग्राम पंचायत पचेड़ा एवं मामा भांचा के बीच स्थित पोल्ट्री फार्म जहां पर 10-15 सालों तक मुर्गी का पालन एवं विक्रय कर रहे है। लेकिन इन्हीं मुर्गियों के पालन से समीपस्थ ग्राम पचेड़ा एवं मामा भांचा में गर्मी एवं बरसात में मक्खियां बढ़ जाते हैं। जिसमें ग्राम वासियों को अनेक प्रकार के बिमारियों का सामना करना पड़ता है।

हमने पशु-चिकित्सक से इस संदर्भ में जानकारी लेने पर पता चला कि पोल्ट्री फार्म व्यवसायी अपने फर्म में मुर्गी को बचाने हेतु टीका करण एवं वैक्सीन का उपयोग करते है। जिसमें पुरे मक्खियां उड़कर आसपास के गांव में फैल जाएं है जो कि अत्यंत खतरनाक कीटाणु से भरे रहते है। जिसमें संक्रमण कि फैलने कि अधिकता पाई जाती है।

इसी प्रकार ग्राम जामली में स्थित पोल्ट्री फार्म के नाम से ग्राम वासी लंबे अर्से से प्रशासन से गुहार लगा रहे है कि गांव को मक्खियों से मुक्त किए जाएं… लेकिन प्रशासन भी उनकी गुहार नहीं सुन पा रहे है। गांव के लोग अभी भी खाना खाने के समय अपने आप को किसी कमरे में बंद रखते है या मच्छरदानी लगाकर खाना खाने को मजबुर है।

मक्खियों से प्रताड़ित गांव पोल्ट्री फार्म व्यवसायी के खिलाफ जिला प्रशासन को लिखित शिकायत कर ग्राम वासियों को संक्रमित होने से बचाव करेंगे, जिसमें हम सभी स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम के तहत् कार्य करेंगे ।

आज जिले के अनेकों गांव में सब्जी फार्म खुल रहे है जो स्थानीय निवासियों का रोजगार सहित आय का साधन बन रहें है। लेकिन मुर्गी फार्म अब हर गांव में स्थापित हो रहें है जिसमें गांव में रहने वाले निवासियों पर गहरा प्रभाव डाल रहा है।

आपको बता दें कि अभी छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा बर्ड फ्लू कि संकेत दिए गए है जिसमें आम जनताओं को चिकन का उपयोग (पुर्ण पुष्टि तक) कि हिदायत दी गई थी।

गांव के 500 मीटर में खुले पोल्ट्री फार्म का NOC को जिला प्रशासन जल्द रद्द करेंगे। उन्होंने बताया कि NOC (नो आबरजरेन सर्टिफिकेट) ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव के पड़ताल के बाद उन्हें शुन्य किया जाएगा, जिसमें वह अपने फर्म का सर्टिफिकेट के साथ गांव से बाहर जाकर अपना पुरे प्रत्रिपत्र के साथ सुचारू रूप से चालू कर सकते हैं।