ओड़िशा की तरह छग के किसानों से भी 3100 रु. में रबी धान खरीदे सरकार : विनोद चंद्राकर
March 22, 2026संपादक मनोज गोस्वामी
ओडिशा में रबी धान की खरीदी 3100 रु. में करने किसानों का पंजीयन किया जा रहा
छग के सीएम विष्णुदेव साय ने की थी 3100 रु. में रबी धान खरीदी की घोषणा
महासमुंद 22 मार्च 2026/ एक तरफ छत्तीसगढ़ में किसानों को धान फसल के लिए हतोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ओड़िशा में किसानों से खरीफ के साथ-साथ रबी धान की खरीदी भी 3100 रु. प्रति क्विंटल की दर पर की जा रही है। छत्तीसगढ़ में खरीफ धान की खरीदी में भी भाजपा की सरकार ने तरह-तरह की बाधाएं उत्पन्न कर किसानों को परेशान किया। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं होने तथा टोकन नहीं कटने से किसान धान बेचने भटकते रहे। वहीं, दूसरी ओर धान उपार्जन केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्थाओं, बार दाना संकट, उठाव नहीं होने से धान जाम की स्थिति के चलते धान खरीदी बंद होने जैसे अनेक बाधाएं सामने आई। जिसके परिणाम स्वरूप खरीफ सीजन में पूरे प्रदेश सहित महासमुंद जिले के लगभग 11 हजार पंजीकृत किसान धान बेचने से वंचित हो गए। वर्तमान रबी सीजन में धान फसल लेने वाले किसानों को खाद संकट, बिजली कटाैती, लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उक्त वक्तव्य पूर्व संसदीय सचिव छ.ग. शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने भाजपा द्वारा ओड़िशा के किसानों से रबी फसल की खरीदी 3100 रु. में करने की तैयारी पर व्यक्त किए।
पूर्व संसदीय सचिव चंद्राकर ने कहा कि रबी धान की खरीदी के लिए ओड़िशा में विगत 10 मार्च से किसानों का पंजीयन हो रहा है। वहां, 3100 रु. की दर पर रबी धान की खरीदी हो रही है। ओड़िशा में विधान सभा चुनाव के दाैरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वहां 3100 रु. में रबी धान को खरीदने की घोषणा की थी। वहां, रबी धान की खरीदी पिछले वर्ष से चल रही है। जब ओड़िशा में रबी धान की खरीदी समर्थन मूल्य 3100 रु. की दर से हो सकती है, तो छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं?

चंद्राकर ने कहा कि भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ अन्याय कर रही है। यहां के किसानों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। जबकि, ओड़िशा में तो भाजपा की सरकार अभी बनी है। छत्तीसगढ़ के किसानों ने 4 बार भाजपा की सरकार यहां बनाई है। 2003 से 2018 तक किसानों ने लगातार भाजपा की सरकार बनाई। अब चाैथी बार पुन: सरकार बनाकर भाजपा को राज्य की कमान साैंपी है। ऐसे में ओड़िशा से पहले छत्तीसगढ़ के किसानों से रबी सीजन में धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर 3100 रु. प्रति क्विंटल की दर पर होनी चाहिए। लेकिन, भाजपा की साय सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के भोलेपन का फायदा उठाकर उनके साथ अन्याय कर रही है।
पूर्व संसदीय सचिव ने कहा कि सीएम साय बताए कि ओड़िशा के किसान और छत्तीसगढ़ के किसानों में क्या अंतर है। क्यों ओड़िशा में खरीफ और रबी दोनों सीजन में धान का समर्थन मूल्य 3100 रु. दिया जा रहा है। और छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ भेदभाव पूर्ण नीति क्यों अपनाई जा रही है। यहां के किसान रबी सीजन में अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई को औने-पाैने दाम पर बेचने विवश हो जाते हैं। छग के किसानों को रबी सीजन में बमुश्किल 1500 से 1700 रु. प्रति क्विंटल ही धान का मूल्य मिल पाता है। तेज धूप, गर्मी में जलकर अनाज उगाने वाले हमारे किसान भाइयों को कोचियों, बिचाैलियों का मुंह ताकना पड़ता है, और हमारा मुख्यमंत्री दूसरे राज्य में जाकर बड़ी-बड़ी घोषणाएं करता है। यह छग के किसानों के साथ सरासर अन्याय है।
चंद्राकर ने मांग की है कि शीघ्र ओड़िशा राज्य की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के किसानों को भी इसी रबी सीजन से धान का समर्थन मूल्य 3100 रु. प्रदान करने की दिशा में पहल होनी चाहिए।



