धान खरीदी की बदहाली पर किसान कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन….7 सूत्रीय मांगों को लेकर SDM कार्यालय का घेराव, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन…

धान खरीदी की बदहाली पर किसान कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन….7 सूत्रीय मांगों को लेकर SDM कार्यालय का घेराव, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन…

January 28, 2026 0 By Central News Service

सरायपाली (महासमुंद)/ 28 जनवरी 2026/
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था, प्रशासनिक उदासीनता और किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ किसान कांग्रेस ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। महासमुंद जिले के सरायपाली विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय विधायक चतुरीनंद एवं जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय का घेराव किया और महामहिम राज्यपाल के नाम 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह चरमराई हुई है। बड़ी संख्या में किसान अब भी अपनी उपज बेचने से वंचित हैं, वहीं खरीदी केंद्रों में धान का उठाव नहीं होने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। सरकार के “एकमुश्त भुगतान” के वादे को भी किसानों ने छलावा बताया।

धान खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 तक करने की मांग

खरीदी केंद्रों में जमा धान का त्वरित उठाव सुनिश्चित किया जाए

घोषित ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से तत्काल एकमुश्त भुगतान

लंबित और कटे हुए टोकन 7 दिन के भीतर जारी किए जाएं

वन पट्टा धारक किसानों की तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान

गिरदावरी के नाम पर रकबा कटौती और मानसिक उत्पीड़न पर रोक

टोकन सत्यापन के बहाने किसानों के घरों/कोठारों में जांच की प्रक्रिया तत्काल बंद हो

किसान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि टोकन सत्यापन के नाम पर किसानों के घर जाकर धान की जांच करना उनके स्वाभिमान पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन में शामिल प्रदेश किसान कांग्रेस के पदाधिकारियों—राजेश मुखर्जी (प्रदेश कोषाध्यक्ष), अशोक शर्मा, कमल अग्रवाल, देवेंद्र पटेल, नवदीप चंद्राकर, फारम लाल पटेल (ब्लॉक अध्यक्ष किसान कांग्रेस, भंवरपुर), भगत राम पटेल (ब्लॉक अध्यक्ष किसान कांग्रेस, छुहीपाली), कौशल कुमार बघेल, दीपक साहू, विजय यादव, प्रभात पटेल—ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने ज्ञापन लेकर उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन किसानों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।