डुयुटी बड़ी या आस्था… बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री का जुता निकालकर चरण स्पर्श करने वाले टीआई लाइन अटैच…
December 27, 2025संपादक मनोज गोस्वामी
रायपुर 27 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तेज़ी से सुर्खियाँ बटोरीं। यह घटना तब हुई जब बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि ड्यूटी पर तैनात टीआई मनीष तिवारी ने विमान से उतरते ही उनके चरण स्पर्श किए। घटना का विवरण जैसे ही धीरेंद्र शास्त्री स्टेट हैंगर पहुंचे, वहीं मौजूद टीआई मनीष तिवारी ने अपने जूते उतारकर चरण स्पर्श किया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और कुछ ही समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई। वायरल वीडियो के कारण मामला प्रशासन और जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया। लोग इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे और सवाल उठ रहे थे कि सरकारी वर्दी में तैनात अधिकारी को व्यक्तिगत आस्था दिखाने का अधिकार कितने हद तक है।
पुलिस विभाग की कार्रवाई सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीआई मनीष तिवारी की अनुशासनहीनता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकारी वर्दी में इस प्रकार व्यक्तिगत आस्था दिखाना अनुचित है। उनका कहना था कि पुलिस अधिकारियों का दायित्व है कि वे सार्वजनिक जगहों पर अपने व्यवहार में पेशेवर और अनुशासित रहें।

सोशल मीडिया में वायरल होने का असर वीडियो के वायरल होने के बाद जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ दीं। कुछ ने इसे आस्था के प्रति सम्मान का उदाहरण बताया, जबकि कई ने इसे सरकारी पद पर अनुशासनहीनता के रूप में देखा। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि सरकारी वर्दी में तैनात किसी भी अधिकारी को व्यक्तिगत धार्मिक आस्था दिखाने के लिए पब्लिक स्थानों में सीमित होना चाहिए। इस घटना ने सरकारी पदों पर व्यक्तिगत आस्था और पेशेवर आचार संहिता के बीच संतुलन बनाए रखने का महत्व भी उजागर किया।
रायपुर एयरपोर्ट पर हुई यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि सरकारी अधिकारियों को अपने कर्तव्यों और अनुशासन का पालन करना अनिवार्य है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो के कारण प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की, जिससे यह साफ हो गया कि पब्लिक पद पर अनुशासन की किसी भी स्थिति में अनदेखी नहीं की जाएगी।



