महासमुन्द जिले के 2 छात्राें ने प्रेरणा कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया…..
November 23, 2025
संपादक मनोज गोस्वामी
शिक्षा मंत्रालय के प्रेरणा एक अनुभावात्मक शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत महासमुन्द जिला के 2 छात्र क्षितिज पांडेय एवं माही सेन ने गुजरात के वड्नगर में शामिल हुए
शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारियाें ने क्षितिज पांडेय एवं माही सेन को दिया बधाई
महासमुन्द/ 22 नवम्बर 2025 /विगत दिनो प्रेरणा एक अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा शुरू किया गया है। जिसका उद्देश्य कक्षा 9 वीं से 12 तक के चयनित छात्राें को एक सप्ताह के आवासीय कार्यक्रम के माध्यम से नेतृत्व गुणाें के साथ सशक्त बनाना है, यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित है, यह कार्यक्रम गुजरात के वडनगर में स्थित एक ऐतिहासिक विद्यालय में आयोजित था, जिसमें महासमुन्द जिले 2 छात्र क्षितिज पांडेय स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल नयापारा महासमुन्द एवं कुमारी माही सेन स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल पटेवा की छात्रा तथा पालक शिक्षक के रूप में अर्चना तिवारी स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल पटेवा शामिल हुए। वडनगर के ऐतिहासिक स्कूल जहां भारत के प्रधानमंत्री ने शिक्षा प्राप्त की है, वहां अलग.अलग कक्षाें में नौ मुख्य मुल्याें पर आधारित था, जिसमें स्वाभिमान और विनय, शौर्य और साहस, परिश्रम और समर्पण, करूणा और सेवा, विविधता और एकता, सत्यनिष्ठा और सुचिता, नवाचार और जिज्ञासा, श्रद्वा और विश्वास, स्वतंत्रता और कर्तव्य शामिल हैं, की शिक्षा ग्रहण किया।

सरकार द्वारा संचालित यह प्रेरणा कार्यक्रम विकसित भारत 2047 के नेतृत्वकर्ताओ को उनकी पहचान दिलाने के लिए शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है।
सात दिवसीय कार्यक्रम में अनुभवात्मक रूप से नौ मुल्याें को अपने अंदर समाहित करके विकसित भारत 2047 के नेतृत्वकर्ता के रूप में छात्रों की पहचान कराई गई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की टीम ने कार्यक्रम के निर्देशक पंकज देशमुख के द्वारा बस्तर आर्ट कला की मूर्ति भेंट की।
सांस्कृतिक मिलन के दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास व संस्कृति को प्रदर्शित किया। वडनगर के इतिहास को देखा व जाना, वहां के पुरातात्विक अवशेषाें को देखा। छात्राें ने गुजरात के राजकीय प्रतीक कीर्ति तोरण भी देखा, रेल्वे स्टेशन के उस दुकान को भी देखा जहां प्रधानमंत्री अपने बाल्यकाल में चाय बेचने में पिताजी की सहायता करते थे। इस प्रकार छात्राें ने गुजरात के इतिहास, परम्परा को नजदीक से देखा और अनुभव किया।
छात्राें के इस उपलब्धि पर उनके संस्था के प्राचार्य अमी रूफस, समीरचन्द्र प्रधान एवं जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, सहायक संचालक नंदकिशोर सिन्हा, डीएमसी रेखराज शर्मा, एडीपीओ समग्र शिक्षा प्रमोद कुमार कन्नौजे सहित उनके मार्गदर्शक शिक्षकाें ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।



