छत्तीसगढ़ धान का कटोरा… किसान अन्नदाता… लेकिन किसान सम्मेलन में किसानों को नहीं मिला अन्न..
October 19, 2025
संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद 19 अक्टूबर 2025/ कृषि विभाग द्वारा कल दिनांक 18 अक्टूबर को बागबाहरा राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर मंगल भवन संजय कानन के पास में किसान सम्मेलन मेला आयोजित किया गया था। जिसमें जिले भर के किसानों को बुलावा भेजकर बुलाया गया। जिसका प्रतिनिधित्व सासंद रुप कुमारी चौधरी , महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के साथ जनप्रतिनिधियों कि जमावड़ा रहा।
लेकिन छत्तीसगढ़ के अन्न दाता का अभी तक इतना बेइज्जती किसी सम्मान मेला में नहीं हुआ। जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजन में पहुंचे किसानों का हुआ।
छत्तीसगढ़ धान का कटोरा…. उसी कटोरे से पानी मिले कढ़ी पीकर भुख मिटाए किसान…
पुरे देश में छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा के नाम से विख्यात है, जिसमें किसानों को अन्नदाता कहा जाता है। वहीं अन्नदाता को भुख मिटाने एक कण चांवल का दाना नहीं मिला, अन्नदाताओं ने छोले का चना और कढ़ी पीकर पेट को संतुष्ट कर रहे थे, लेकिन तुरंत उस कढ़ी में भी बाल्टी भरकर पानी मिलाकर उसको भी, खट्टा कढ़ी से पानी कढ़ी कर दिया गया।
अन्न दाता का अपमान क्यों…
किसान पुरे साल रात दिन एक कर फसल तैयार करते है, और धान उपार्जन केन्द्र में पुरे दिक्कतें के साथ धान का विक्रय कर राज्य सरकार कि योजनाओं में पुरा योगदान करते आ रहे हैं। लेकिन वही अन्नदाता को सम्मलेन मेला में बुलाकर अनादर कर रहे हैं विभागीय अधिकारी।
जवाबदेही पर चुप्पी..
कहते है जब जवाब फलां को देना है तो नाम ढेकाना का है। क्योंकि जिम्मेदारी वहीं ने ली थी। इसका मतलब विभाग में खींचतान चल रहा है।
चौथां स्तंभ पत्रकार से नजर चुराते रहे विभाग..
कृषि विभाग के अधिकारी जब न्यौता देकर बुलाएं किसानों कि भोजन कि व्यवस्था निर्धारित समय के साथ अनुकूल ना कर पाने पर लगातार मीडिया से कतराते हुए निकल गए। जो कि विभाग का बिना कोई तालमेल के साथ किसानों का अपमान मेला आयोजित किया गया।



