संगठित रहना है तो क्षमा सीखना पड़ेगा : मनीष सागर महाराज,व्यक्तित्व का निर्माण पुरुषार्थ से ही होगा

संगठित रहना है तो क्षमा सीखना पड़ेगा : मनीष सागर महाराज,व्यक्तित्व का निर्माण पुरुषार्थ से ही होगा

September 1, 2025 0 By Central News Service

रायपुर। टैगोर नगर स्थित पटवा भवन में सोमवार को चातुर्मासिक प्रचवनमाला में परम पूज्य उपाध्याय प्रवर युवा मनीषी श्री मनीष सागरजी महाराज ने कहा कि संगठित रहना है तो क्षमा सीखना पड़ेगा। क्षमा मांगना भी सीखना पड़ेगा और क्षमा करना भी सीखना होगा।
जिसके भीतर क्षमा नहीं है,वह समूह में नहीं रह सकता। आज संयुक्त परिवार इसलिए बिखर रहे हैं।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि व्यक्तित्व का निर्माण पुरुषार्थ से ही संभव है। केवल आप भाग्य के भरोसे नहीं रह सकते। पुण्य के उदय से परिस्थितियां अनुकूल मिल सकती है। पुण्य के उदय से व्यक्ति सुधर जाए यह ना हुआ है और ना कभी होगा। केवल पुरुषार्थ से ही व्यक्ति का विकास हो सकता है।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि पुरुषार्थ और भाग्य का समन्वय होना जरूरी है। यदि सफलता चाहिए तो केवल भाग्य के भरोसे नहीं बैठ सकते है। हमेशा पुरुषार्थ करना आवश्यक है। यदि आपने पुरुषार्थ बहुत किया लेकिन भाग्य साथ नहीं दे रहा तो भाग्य को कोसने के बजाय और अधिक पुरुषार्थ करने की आवश्यकता है। हमें अपने प्रयासों को और भी सशक्त बनाना चाहिए। असली सफलता उन लोगों को ही मिलती है जो कठिनाइयों का सामना करते हुए भी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहते हैं।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि जीवन में दूरदर्शिता आवश्यक है। दूरदर्शिता नहीं होगी तो सीमित दायरे में जीवन चलता रहता है। जीवन में व्यवहार कुशल होना जरूरी है। जीवन में शांति समरसता, प्रेम, संगठन रहे। ऐसा बर्ताव ही व्यवहार कुशलता है। सिर्फ कुछ रीति व रस्म निभा लेना व्यवहार कुशलता नहीं है। दुर्जनों के साथ रहकर भी अपने व्यवहार को नहीं खोना है। अपना सदाचार बनाए रखना है। नीति व नियमों को नहीं खोना है। अपना सदाचार बनाए रखना ही सज्जनता है।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि सभी धन का भोग करते हैं लेकिन धर्म का भोग नहीं करना है। धर्म करते-करते अहंकार नहीं आना चाहिए। दूसरों में दोष देखने के लिए धर्म ने आपको नहीं बनाया है। ऐसे जो करता है वह धर्म के क्षेत्र में अपना विकास नहीं कर पाता। हमेशा ऊपर उठने का प्रयास करना है। हम अपने धर्म कार्य का अभ्यास करते रहे। अहंकार से बचकर हमें विकास करना होगा।