मन ही पाप का सोर्स है, मन को अच्छा रखो और आनंद में रहो: मनीष सागरजी महाराज,गलतियों से सबक लेकर ही जागृति का अभ्यास होगा

मन ही पाप का सोर्स है, मन को अच्छा रखो और आनंद में रहो: मनीष सागरजी महाराज,गलतियों से सबक लेकर ही जागृति का अभ्यास होगा

August 14, 2025 0 By Central News Service

रायपुर। टैगोर नगर स्थित पटवा भवन में जारी चातुर्मासिक प्रवचनमाला में परम पूज्य उपाध्याय भगवंत युवा मनीषी श्री मनीष सागरजी महाराज ने गुरुवार को प्रमाद से अप्रमाद की ओर एवं अजागृति से जागृति की ओर बढ़ने की सीख दी। उपाध्याय भगवंत ने कहा कि हम स्वयं ही जागृति के लिए जिम्मेदार है। ज्ञान गुरु से मिल सकता है। श्रद्धा चिंतन से मिल सकती है। चारित्र्य दूसरों को देखकर प्रेरित हो सकता है। तप के लिए उल्लास काम करता है, लेकिन जागृति के लिए अभ्यास बहुत जरूरी है। गलतियों से सबक लेकर ही जागृति का अभ्यास होता है। गलतियों का पश्चाताप करके हम कुछ सीख सकते हैं। तभी हमारे भीतर जागृति का विकास होता है।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि हम पाप तो करते हैं, लेकिन पाप को बुरा नहीं मानते हैं। पाप को अच्छा मानते हैं तो पाप मजबूत होता जाता है। पाप मजबूत होता है तो उसे छोड़ना मुश्किल होता है। पाप नहीं करना संभव नहीं है, ऐसा सोचकर हम टाल देते हैं। पाप करके पाप का आनंद कभी मत मनाओ। हिंसा नहीं करना चाहिए। किसी को दुखी नहीं करना चाहिए। ऐसी भावना करते जाएंगे तो जागृति अपने आप आ जाएगी। देव, गुरु और धर्म के जितने निकट आएंगे आपको रास्ते मिलते रहेंगे।

उपाध्याय भगवंत ने कहा कि संयम प्रमाद से ही छूटता है। हमें प्रमाद नहीं करना है और संयम नहीं छोड़ना है। ऐसा करके हम जागृति की ओर बढ़ेंगे। लक्ष्य है कर्म को जीतना है और कर्म के कारण को जीतना है। कर्म तो फल देते हैं। कर्म का कारण क्या है यह जानना है। कर्म का कारण राग, द्वेष,मोह है। संसार पाप रूप है। संसार असार है। यह सच्चाई जाननी चाहिए। प्रवचन में अगर आ रहे हैं तो जागरुक रहना जरूरी है। प्रवचन में आना है तो दिखावे के लिए नहीं आना है। मुंह करके नहीं आना है एक लक्ष्य बनाकर आना है तभी जागृति संभव है।

धर्मसभा में 29 उपवास के तपस्वियों का हुआ सम्मान

चातुर्मास समिति के अध्यक्ष श्यामसुंदर बैदमुथा ने बताया कि चातुर्मास में तप,त्याग एवं तपस्या का क्रम निरंतर जारी है। धर्मसभा में 29 उपवास के तपस्वी ज्ञानमल बाघमार एवं 29 उपवास की तपस्वी श्रीमती उषा राखेचा का सम्मान किया गया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को परम पूज्य आध्यात्म योगी महेंद्र सागरजी महाराज का प्रवचन टैगोर नगर भवन में ही होगा।