यह जिला कार्यालय है साहब… कुत्ते से सावधान… काटने पर हम नहीं जानते…. सावधान होकर पहुंचे जिला कार्यालय…

यह जिला कार्यालय है साहब… कुत्ते से सावधान… काटने पर हम नहीं जानते…. सावधान होकर पहुंचे जिला कार्यालय…

August 13, 2025 0 By Central News Service

संपादक मनोज गोस्वामी

महासमुंद 13 अगस्त 2025/ यह समाचार शायद आपको हास्यास्पद लगें लेकिन जब प्रशासन हि आवारा कुत्तों पर बंदिश लगाते है तों उनके हि कार्यलय में आवारा कुत्ते आराम फरमाते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि कथनी और करनी में बहुत फर्क है।

यह उस समय कि तस्वीर है जब जिला अधिकारी विनय कुमार लंगेह आला अधिकारीयों का समय सारणी कि बैठक ले रहे थे। और आपको बता दें कि सैकड़ों कि संख्या में जिसमें अधिकरी गण और ग्राम से आए आवेदक गण रोज आते है। लेकिन जिला अधिकारी कि फरमान उसके स्वयं के कर्मचारी उल्लंघन कर रहे है।

यदि यह तस्वीर को गौर से देखा जाए तो उस तस्वीर में कुत्ता जिला अधिकारी के प्रमुख द्वार से लगे प्रतीक्षा कक्ष कि है जहां पर एक महिला कुर्सी पर बैठी है और उनका लगभग दो से ढाई साल का बच्चा खेलते -खेलते कुत्ते के पास देखा जा रहा है, यदि यह खेलने कि वाक्या पर यदि बच्चे ने कुत्ते कि पुंछ या पैर को अचानक खींच दिया और कुत्ते ने पलटवार कर बच्चे पर हमला कर दिया तो जवाबदेही कौन रहेगा? यह एक सोचनीय सवाल है क्योंकि वहां पर प्रतिदिन सैकड़ों कि संख्या में भीड़ रहता है ।

सवाल यह भी है कि क्या उस कुत्ते को खदेड़ने या सुरक्षित स्थान छोड़ने कि बात किसी अधिकारी या कर्मचारी कि जहन पर क्यों नहीं आई … क्या जिला अधिकारी किसी घटना का इंतजार कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पशुचिकित्सा अधिकारी प्रशासन कि तरफ़ से आने वाले आदेश को जनता के सामने लाते है और बताते है कि आवारा कुत्तों में बरसात के दिनों में जहर अधिक मात्रा में पाएं जाते है। जिसका इलाज आप सरकारी अस्पताल में जाकर रैबिज का इंजेक्शन लगाएं। अब देखना यह है कि कलेक्टर साहब कब अनहोनी घटना को रोकने में सफल होते है कि नहीं, ताकि आने जाने वाले जनता बिना डर और झिझक के साथ वहां पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकें।