सनातन धर्म का विरोध करना कांग्रेस की पुरानी आदत : देवेंद्र चंद्राकर

सनातन धर्म का विरोध करना कांग्रेस की पुरानी आदत : देवेंद्र चंद्राकर

October 19, 2026 0 By Central News Service


महासमुंद 19 अक्टूबर 2026// भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री देवेंद्र चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हिंदू धर्म में मूर्ति पूजा का उल्लेख नहीं होने वाले बयान को सनातन विरोधी और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता शुरू से ही हिंदू और सनातन विरोधी रही है और इसी मानसिकता के तहत ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।

चंद्राकर ने कहा कि श्री बघेल को यह ज्ञात होना चाहिए कि सनातन धर्म में मूर्ति पूजा का अत्यधिक महत्व है। यह ईश्वर को प्राप्त करने और मन को एकाग्र करने का एक सशक्त और व्यावहारिक माध्यम है। सनातन धर्म में ईश्वर कण-कण में व्याप्त है, लेकिन सामान्य मनुष्य के लिए निराकार ईश्वर से सीधा जुड़ाव कठिन होता है, इसलिए मूर्ति और विग्रह के माध्यम से भक्त सहजता से भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। मूर्ति पूजा साधना की प्रारंभिक और सबसे प्रभावी सीढ़ी है।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ही सनातन परंपरा का विरोध करने का रहा है। नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक सभी ने भारत की सनातन संस्कृति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी खुले मंच और बड़ी सभाओं में हिंदुओं का विरोध करते हैं और अब उसी राह पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी चल रहे हैं। जो व्यक्ति खुद को छत्तीसगढ़ की संस्कृति का बड़ा शुभचिंतक बताता है, उसका इस प्रकार का अमर्यादित बयान किसी भी सूरत में शोभा नहीं देता।


चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था के तहत मूर्ति पूजा की प्रबल समर्थक है। यहां की लोक परंपरा में मूर्ति पूजा का विशेष स्थान है। मंदिरों में स्थापित मूर्तियों की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है, जिसके बाद वह केवल पत्थर या धातु नहीं रह जाती, बल्कि उसमें दिव्य ऊर्जा और चैतन्य का वास माना जाता है। भक्ति मार्ग में इसी मूर्ति के माध्यम से भक्त वात्सल्य भाव, सख्य भाव और दास्य भाव से ईश्वर से जुड़ता है।


उन्होंने कहा कि मूर्ति पूजा को न मानने वाला बयान पूरी तरह से बेतुका है और यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अपमान है। भूपेश बघेल ने सनातन संस्कृति का अपमान क्यों किया, इसका जवाब उन्हें प्रदेश की जनता को देना होगा। उन्होंने इस सनातन विरोधी बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।