वन विभाग कि टीम पर हमला करने वाले आरोपियों कि रिहाई… वनकर्मियों का मनोबल टुटा…
October 15, 2026
संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद 15 अक्टूबर 2026// बागबाहरा वन परिक्षेत्र के तमोरा के जंगल में मारपीट और बंधक बनाकर रखने वाले आरोपियों को न्यायालय ने रिहा कर दिया गया है। जिससे वन कर्मियों कि मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है उन्होंने अपने सुरक्षा और न्याय कि गुहार लगाई है।
क्या है पुरा मामला
06 अक्टूबर 2026 को वनपरिक्षेत्र बागबाहरा के वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा अपने विभाग के नवीन शर्मा, उपवनक्षेत्रपाल, टोमन दीवान, वनरक्षक, महेश चंद्राकर, वॉचर, पूनम साहू, वॉचर एवं हरदेव वर्मा, चालक के साथ ढोड परिसर के कक्ष क्रमांक 95-96 में जंगली सुअर के अवैध शिकार एवं वन्य मांस के अवैध विक्रय संबंधी सूचना के आधार पर रात्रि गश्त पर थे।
इसी दौरान तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा वन अमले के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी दी गई तथा लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचकर वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को घेर लिया गया। संख्या बल अधिक होने के कारण कुछ कर्मचारी सुरक्षित स्थान की ओर चले गए, जबकि वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा एवं उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा मौके पर रह गए। इनमें से कुछ व्यक्तियों के शराब के नशे में होने की बात भी सामने आई। अतिक्रमणकारियों ने दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं और रक्तस्राव हुआ था।
उक्त घटना के संबंध में 07 अक्टूबर को FIR क्रमांक 114/2026 दर्ज कराई गई। जिसमें 08 आरोपियों एवं अन्य अतिक्रमणकारी के खिलाफ 114/26 , 296,115,(2),351(3),221,132,127(2),191(2),BNS कि धारा प्रकरण में पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए 09 अक्टूबर को आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी महासमुंद के समक्ष रिमांड हेतु प्रस्तुत किया गया। न्यायालयीन कार्यवाही के पश्चात आरोपियों को तत्काल रिहा कर दिया गया।
आरोपियों कि रिहाई से वन विभाग कि टीम का मनोबल टूटा
इस घटनाक्रम से वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में निराशा एवं असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है। वन अमला सीमित संसाधनों एवं विषम परिस्थितियों में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार पर नियंत्रण तथा वनभूमि पर अतिक्रमण रोकने जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करता है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान वनकर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं होने से कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा शासकीय कार्यों के निर्बाध संचालन में बाधा उत्पन्न होती है।
वन कर्मियों कि सुरक्षा पर उठे सवाल
वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी वन संपदा की सुरक्षा तथा अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए निरंतर गश्त एवं आवश्यक कार्रवाई करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में वन अमले की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि कर्मचारी बिना किसी भय या दबाव के अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
वन विभाग द्वारा न्याय कि गुहार
वन विभाग द्वारा प्रकरण में विधिसम्मत कार्रवाई जारी रखने तथा वनकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग की अपेक्षा है कि वन अमले के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा शासकीय कार्यों के सुचारु संचालन के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



