सरस्वती शिशु मंदिर में प्रांतीय गणित मेला का उद्घाटन संपन्न हुआ….
October 11, 2026
संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद 11 अक्टूबर 2026// स्थानीय भलेसर मार्ग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महासमुंद में प्रांतीय गणित मेला का उद्घाटन संपन्न हुआ l
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देवनारायण साहू( प्रांतीय संगठन मंत्री ), विशेष अतिथि के रूप में आदरणीय इंद्रजीत सिंह खालसा ( अध्यक्ष भारत स्काउट गाइड संघ छत्तीसगढ़), विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित चमन चंद्राकर( प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बम्हनी,महासमुंद ) कार्यक्रम की अध्यक्षता करने के रूप में श्रीमती संध्या शर्मा ( आदर्श शिक्षा मंडल समिति के उपाध्यक्ष), घनश्याम सोनी (आदर्श शिक्षा मंडल समिति के सचिव), श्रीमती भारती गुप्ता ( आदर्श शिक्षा मंडल समिति के सदस्य), विद्यालय के प्राचार्य श्री देवराज वर्मा उपस्थित थे l
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती ,ओम एवं भारत माता के छाया चित्र पर तिलक लगाकर, पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इसके पश्चात अतिथियों का परिचय विद्यालय के वरिष्ठ आचार्या श्रीमती मनोज साहू द्वारा करवाया गया ।

अतिथि परिचय के उपरांत अतिथियों का एवं कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों से आये हुए निर्णायकों का तिलक एवं पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया l
स्वागत पश्चात कार्यक्रम के प्रभारी गोविंद चौधरी ने कार्यक्रम का प्रतिवेदन देते हुए बताया गया कि गणित मेले में भाग लेने वाले भैया/ बहन वैदिक गणित की विधि द्वारा बहुत कम समय में गणित के प्रश्नों को हल करते हैं । इस प्रांतीय गणित मेला में आए हुए भैया बहन गणित पत्रवाचन, वैदिक गणित प्रश्न मंच, गणित प्रयोग, एवं गणित प्रदर्श (मॉडल) में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे । प्रांतीय गणित मेला के पश्चात्, क्षेत्रीय गणित मेला दिनांक 23अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती विहार रायपुर में एवं अंतिम में अखिल भारतीय गणित मेला दिनांक 21 से 24 नवंबर तक सरस्वती विद्या मंदिर अशोक नगर धनसार, धनबाद ( झारखंड) में संपन्न होगी ।

विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित विद्यालय के पूर्व छात्र रहे इंद्रजीत सिंह खालसा जी विद्यालय में अपने विद्यार्थी जीवन के समय में अध्ययन किए हुए अपने संस्मरण कार्यक्रम में उपस्थित भैया बहनों एवं दीदी आचार्य के सम्मुख साझा किया । उन्होंने आग्रह किया कि सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राएं स्काउट गाइड से जुड़े एवं अपने अंदर की कला को पूरे देश में फैलाएं ।
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित चमन चंद्राकर जी ने अपने उद्बोधन में बताया गया कि विद्यार्थियों को गणित मेला एवं विज्ञान मेला की आवश्यकता क्यों होती है, इन पर विचार रखते हुए उनके द्वारा बताया गया कि यह छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर प्रायोगिक तौर पर मॉडल बनाने और प्रयोग करने का मौका देता है । इससे बच्चों में समस्याओं को तार्किक रूप से समझने एवं उनका विश्लेषण करने और हल खोजने की क्षमता विकसित होती है।
उसके पश्चात मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित देवनारायण साहू जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर को वर्ष 2026 तक 74 वर्ष पूरे हो चुके हैं और वर्तमान में इसके 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य में ‘अमृत महोत्सव’ मनाया जा रहा है । यह विद्यालय निरंतर एक लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना और संचालन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, संस्कारों और राष्ट्रप्रेम से जोड़ना हैं ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रीमती संध्या शर्मा जी ने भारत के महान गणितज्ञ रामानुजन के ऊपर स्वरचित कविता रामानुजन को नमन, गणितज्ञ को नमन प्रस्तुत किया गया ।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य देवराज वर्मा द्वारा कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का, गणित मेला को संपन्न कराने के लिए उपस्थित हुए गणित मेला के निर्णायकों , आचार्य दीदियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार प्रदर्शन किया ।

इस पूरे कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्या मनोज साहू द्वारा किया गया ।
गणित मेले के उद्घाटन के पावन अवसर पर मनीष शर्मा (वार्ड के पार्षद), भारत साहू (प्राचार्य शा. विद्यालय लाफिनखुर्द), देवेंद्र राव देशमुख (अखिल भारतीय वैदिक गणित के संयोजक ), नरेश यादव (राजीम विभाग समन्वयक), गणित मेला के निर्णायक गोविन्द चौधरी (प्रान्त प्रमुख), ललित सिंह सेंगर (प्रान्त प्रमुख), मुकेश निर्मलकर (मार्गदर्शक), मलिक राम वर्मा (मार्गदर्शक), उत्तम कुमार साहू (विभाग प्रमुख राजिम), भरत लाल श्रीवास (विभाग प्रमुख बिलासपुर), पवन गौतम (विभाग प्रमुख राजनंदगांव), प्यारेलाल वर्मा (विभाग प्रमुख रायपुर), शिव कुमार कन्नौजे (वैदिक गणित जिला प्रमुख महासमुंद) एवं छत्तीसगढ़ प्रान्त के विभिन्न विभाग से आये दीदी /आचार्य एवं विद्यालय की समस्त दीदी /आचार्य उपस्थित थे ।



