धान का दाम 3358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग, किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

धान का दाम 3358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग, किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

October 9, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 09 अक्टूबर 2026// धान की खेती की बढ़ती लागत, उपज का उचित मूल्य और समर्थन मूल्य की अंतर राशि के भुगतान को लेकर किसान कांग्रेस ने किसानों की मांगों को शासन के सामने रखा है। महासमुंद किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मानिक साहू की ओर से मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में धान का दाम बढ़ाकर 3358 रुपये प्रति क्विंटल करने, पिछले वर्षों की समर्थन मूल्य बढ़ोतरी की अंतर राशि का भुगतान करने और समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने सहित कई मांगें उठाई गई हैं।

ज्ञापन में धान खरीदी की समय-सीमा और फसल पकने की स्थिति से जुड़े व्यावहारिक पहलू पर भी ध्यान देने की जरूरत है। महासमुंद जिले के बागबाहरा सहित कई क्षेत्रों में अक्टूबर माह के अंत तक धान की फसल कटने की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसानों के लिए अपनी कटी हुई फसल को 15 नवंबर तक सुरक्षित रखना मुश्किल हो सकता है। मौसम की अनिश्चितता, बारिश, नमी और भंडारण की सीमित व्यवस्था के बीच लंबे समय तक धान को सुरक्षित रखना किसानों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकता है। ऐसे में किसानों की मांग है कि धान खरीदी की व्यवस्था तय करते समय स्थानीय परिस्थितियों और फसल कटाई के समय को भी ध्यान में रखा जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

ज्ञापन में वर्ष 2024-25 के लिए 117 रुपये प्रति क्विंटल और वर्ष 2025-26 के लिए 186 रुपये प्रति क्विंटल की समर्थन मूल्य अंतर राशि का भुगतान करने की मांग की गई है। साथ ही वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य में होने वाली बढ़ोतरी का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाने की बात कही गई है। किसान कांग्रेस का कहना है कि खेती में खाद, बीज, कृषि दवाइयों, डीजल और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है।

किसानों की प्रमुख मांगों में समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाना भी शामिल है। किसान कांग्रेस की मांग है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि समर्थन मूल्य का लाभ किसानों तक वास्तविक रूप से पहुंच सके।

ज्ञापन में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया चौथी किस्त का भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है। किसान कांग्रेस ने लंबित राशि का भुगतान कर किसानों को राहत देने की मांग की है।

किसानों की इन मांगों के जरिए जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू ने धान का लाभकारी मूल्य, समर्थन मूल्य की अंतर राशि, बकाया भुगतान और धान खरीदी की व्यावहारिक व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा है।