विष्णु भैया का घर बना बहनों का मायका: सीएम हाउस में धूमधाम से मना तीजा-पोरा तिहार
September 12, 2026रायपुर, 12 सितंबर 2026
नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास आज तीजा-पोरा तिहार के उल्लास और छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति का गवाह बना। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंची हजारों माताओं-बहनों के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और बेटियों के मायके की तरह सजाया गया था।
पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प, फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों के बीच मुख्यमंत्री निवास का माहौल गांव के मेले जैसा हो गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बहनों का स्वागत करते हुए कहा – “आज मेरा घर आप सभी बहनों का मायका है। छत्तीसगढ़ में तीजा पर बहन-बेटियों के मायके आने की परंपरा है। आपका अपने भाई के घर आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
भगवान शिव-पार्वती की पूजा, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर की। उन्होंने प्रदेश की सुख, समृद्धि और माताओं-बहनों के अखंड सौभाग्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा-पोरा हमारी माटी, परिवार, खेती-किसानी और पशुधन से जुड़ा जीवंत उत्सव है।
‘हर घर मुनगा’ अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दो बड़ी पहल की शुरुआत की –
1. हर घर मुनगा – घर-घर मुनगा अभियान: मुख्यमंत्री ने अभियान के लोगो का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों से भरपूर है और महिलाओं-बच्चों के पोषण के लिए बेहद उपयोगी है। सभी से घर-आंगन में मुनगा लगाने की अपील की।
2. राष्ट्रीय पोषण माह 2026: 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले पोषण माह के पोस्टर का विमोचन किया और सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम में आत्मीय पल तब आया जब मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया।
महतारी वंदन से 20 हजार करोड़ से अधिक की मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक बहनों को हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे हैं।
- अब तक 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे खातों में भेजी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि कई बहनें इस राशि से बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि में निवेश, सिलाई मशीन, किराना दुकान जैसे स्वरोजगार शुरू कर रही हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने तो इस राशि को इकट्ठा कर भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने का संकल्प लिया है।
लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक – बदल रही तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लक्ष्य 8 लाख के मुकाबले 13.50 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
- पीएम आवास की सामग्री सप्लाई कर महिलाएं ‘डीलर दीदी’
- निर्माण में काम कर ‘रानी मिस्त्री’
- खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर ‘ड्रोन दीदी’ बन रही हैं, जो दिन में 20-25 एकड़ छिड़काव कर 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।
महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्ट्री पर 50% पंजीयन शुल्क और 1% स्टांप शुल्क में छूट दी जा रही है।
पीएम आवास योजना पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास बन रहे हैं। पिछले ढाई साल में 18 लाख आवास स्वीकृत, 11.5 लाख से अधिक पूर्ण। हाल ही में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3.65 लाख नए आवासों की स्वीकृति दी है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा हमारी समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति का पर्व है।
इस अवसर पर मंत्री श्री गजेंद्र यादव, दयाल दास बघेल, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

